श्रीनगर शहर के डाउनटाउन तथा अन्य संवेदनशील इलाकों में शनिवार को पाबंदियां रहीं। सड़क पर कंटीले तार लगाए गए और आने जाने वालों को चेकिंग के बाद ही आने जाने की अनुमति दी गई। एहतियातन भारी फोर्स की तैनाती की गई थी। पांच अगस्त के बाद से लगातार 55वें दिन भी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप है।
इमरान खान के बयान के बाद श्रीनगर में बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था, 55वें दिन ऐसे रहे घाटी के हालात
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दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से प्रतिबंध हटाए जाने के बाद माहौल बिगड़ने संबंधी संयुक्त राष्ट्र महासभा में बयान के बाद श्रीनगर में कई स्थानों पर युवाओं ने जुलूस निकाले थे। इसी के मद्देनजर एहतियातन शनिवार को पाबंदियां लगाईं गईं।
इसके बाद भी निजी वाहन पहले की तरह सड़कों पर निकले। हालांकि, सार्वजनिक वाहन कम संख्या में दिखे। रेहड़ी व फड़ी वाले जगह-जगह दिखे। जुमा की नमाज के मद्देनजर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए शुक्रवार को भी संवेदनशील इलाकों में पाबंदियां लगाई गईं थीं।
वहीं पंजाब में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार उतारने और जैश-ए-मोहम्मद की धमकियों के बाद श्रीनगर के महत्वपूर्ण इलाकों और आसपास सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। शहर के आसपास नए बंकर भी बनाए गए हैं। पुलिस कर्मियों को जम्मू क्षेत्र के संभावित घुसपैठ वाले इलाकों में सुरक्षा चौकियों की संख्या बढ़ाने और रात्रि गश्त तेज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सैन्य शिविरों, पुलिस स्टेशनों, अस्पतालों और श्रीनगर हवाई अड्डे के अलावा विशेष रूप से उन स्थानों, जहां पूर्व में आतंकी हमले हो चुके हैं, उनके आसपास बंकर बढ़ा दिए गए हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के दौरे में दो दिन लगातार चली बैठकों के बाद की गई है। बैठकों में आशंका जताई गई थी कि पाकिस्तान समर्थक आतंकी संगठन सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दे सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया रिपोर्ट मिली हैं कि आतंकी घाटी के साथ-साथ श्रीनगर के कुछ हिस्सों में खुलेआम घूम रहे हैं। इसके बाद नए बंकर ऐसे स्थानों पर बनाए गए हैं, जहां से शहर में प्रवेश व निकासी करने वालों पर नजर रखी जा सके।