दक्षिणी कश्मीर में सरपंच व एक अधिकारी की हत्या को मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने अमानवीय करार दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कायरतापूर्ण हरकत बैक टू विलेज जैसे कार्यक्रम के जरिये लोगों के दरवाजे तक पहुंचने से सरकार के कदम को रोक नहीं सकती हैं।
सीमा पार बैठे आकाओं को खुश करने में जुटे आतंकी, निपटने के लिए सुरक्षा बल सक्षमः डीजीपी
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उन्होंने कहा कि सरपंच व अधिकारी की हत्या दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों के कल्याण के काम में लगे निर्दोष लोगों की हत्या बर्बर कृत्य है। इसके विपरीत इस प्रकार की घटनाएं पूरे केंद्र शासित प्रदेश में विकास कार्यों को और गति प्रदान करने का प्रोत्साहन देती हैं। उन्होंने कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर को हिदायत दी है कि घायल दो कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। ज्ञात हो कि घटना के बाद बैक टू विलेज कार्यक्रम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने के लिए हर कोशिश कर रहे हैं ताकि वह सीमा पार अपने आकाओं को खुश कर सकें। श्रीनगर में उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए घाटी में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस से कानून लागू कराने वाली अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावी कदम उठाने को कहा है।
उन्होंने हालिया आतंकवादी घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि आतंकवादी सीमापार के अपने आकाओं को खुश करने के लिए घाटी में स्थिति खराब करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा बल किसी भी आतंकवादी गतिविधि से निपटने में सक्षम हैं।
उन्होंने अधिकारियों को ऐसे तत्वों पर निगरानी रखने को कहा जो तेजी से शांति की ओर लौट रहे घाटी के माहौल को खराब करना चाहते हैं। यह भी कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कानून का पालन करने वाले लोगों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो।