देश की सर्वोच्च जेड प्लस सुरक्षा को भेदना आम तौर पर असंभव माना जाता है लेकिन जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक के मामले में यह असंभव, बेहद आसानी से संभव हो गया। हमलावर बिना किसी रोक-टोक के उनके पास पहुंच गया। यह वीआईपी सुरक्षा में बड़ी सेंध है।
ऐसे लगता कि सुरक्षा के लिए बनी ब्लू बुक के नियमों को ताक पर रख दिया गया। डॉ. फारूक का शादी समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम बुधवार सुबह ही बना था। उनके आने से पहले समारोह स्थल को सैनिटाइज नहीं किया गया था।
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डॉ. फारूक अब्दुल्लाह पर फायरिंग
- फोटो : वीडियो ग्रैब
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि घटना के वक्त मौके पर स्थानीय पुलिस नहीं थी। हमलावर का प्रयास विफल करने के बाद उसे खुद नेकां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पकड़ा और गाड़ी में गंग्याल थाने लेकर पहुंचे।
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शादी समारोह में पहुंचे लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाए गए थे मेटल डिटेक्टर
समारोह स्थल पर जिला पुलिस के सिक्योरिटी विंग के जवान तैनात किए गए थे। मुख्य प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे लेकिन समारोह स्थल चारों तरफ से खुला होने के कारण कोई कहीं से भी अंदर पहुंच सकता था जिसे अब सुरक्षा में लापरवाही बताया जा रहा है।
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आरोपी कमल को पकड़कर पुलिस के हवाले किया
- फोटो : वीडियो ग्रैब
वहीं प्रशासन ने दावा किया है कि पूरे प्रोटोकॉल के साथ पूर्व मुख्यमंत्री समारोह स्थल पर पहुंचे थे। इसका एक सीसीटीवी फुटेज जारी की है जिसमें वह भारी-भरकम सुरक्षा काफिले समारोह स्थल पर पहुंचे हैं।
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डॉ. फारूक अब्दुल्लाह पर फायरिंग
- फोटो : वीडियो ग्रैब
आरोपी के संपर्कों की तलाश में जुटी पुलिस
डॉ. फारूक पर हमले के 63 वर्षीय आरोपी कमल सिंह जम्वाल को कड़ी सुरक्षा के बीच वीरवार को जम्मू के गंग्याल थाने की पुलिस ने जिला अदालत में पेश किया। यहां पुलिस और आरोपी के पक्षकारों की दलीलें सुनी गईं। पुलिस ने अदालत से आरोपी की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि इस हमले के पीछे की असल वजह का पता लगाना जरूरी है।