घाटी में आतंक के खिलाफ सुरक्षाबलों को वीरवार को भारी सफलता मिली। उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में लश्कर के जिला कमांडर समेत दो आतंकी मार गिराए गए, जबकि अनंतनाग में चार आतंकी ढेर किए गए। बारामुला में लगभग 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में लश्कर के जिला कमांडर समेत दो आतंकियों का सफाया किया गया। इनसे हथियार, गोला बारूद और अन्य सामग्री बरामद हुई है। यहां लश्कर का एक बड़ा ग्रुप मीटिंग के लिए इकट्ठा हुआ था। इनमें पाकिस्तानी लश्कर कमांडर अबू जरगाम और अन्य कई टॉप आतंकी थे जो भाग निकले।
जम्मू-कश्मीर के बारामुला और अनंतनाग में चली भीषण मुठभेड़ में 6 आतंकी ढेर, सुरक्षाबलों पर पथराव
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उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले में सुरक्षाबलों की ओर से आतंकियों के एक दल को ट्रैक किया जा रहा था। इसके आधार पर क्रीरी के अथूरा गांव में बुधवार देर रात को एक बड़े ग्रुप की मौजूदगी की सूचना पर सेना की 52 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), 53 बटालियन सीआरपीएफ और एसओजी बारामुला और क्रीरी ने मिलकर इलाके की घेराबंदी की। वीरवार तड़के ऑपरेशन शुरू किया गया। आतंकियों को पहले समर्पण के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। रिहायशी इलाका होने के चलते पहले स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया जिसके बाद आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। एसएसपी बारामुला इम्तियाज हुसैन ने बताया कि दो आतंकी मारे गए हैं। आबादी और मकानों को कम से कम नुकसान पहुंचे, इसे ध्यान में रख कर आपरेशन किया गया। लोग मुठभेड़ स्थल पर एरिया क्लियर होने तक नहीं जाएं। इसके लिए इलाके में पोस्टर भी लगवाए गए हैं।
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के आरवनी इलाके में वीरवार को सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को मार गिराया। इलाके में एक सूचना के आधार पर वीरवार शाम करीब 5:15 बजे सेना की एक राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ और एसओजी ने साझा तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी जिसके बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। आतंकियों ने घेरा सख्त होता देख सर्च पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में चार आतंकियों को मार गिराया गया। अंधेरे के चलते सुरक्षाबलों द्वारा फ्लड लाइट्स भी लगाई गई ताकि आतंकी अंधेरे का फायदा उठाते हुए घेरा तोड़कर भाग न सके।
इलाके में मुठभेड़ की खबर फैलते ही स्थानीय युवा सड़कों पर उतर आए। उन्होंने सुरक्षाबलों पर पथराव करते हुए ऑपरेशन में खलल डालने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे। इससे इलाके में तनाव की स्थिति रही।
बारामुला में मारे गए दोनों आतंकी कई घटनाओं में थे शामिल
सूत्रों के अनुसार, बारामुला में मारे गए आतंकी स्थानीय थे। इनमें एक सुहेब अखून है जो लश्कर का जिला कमांडर था। उसे जिले में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के साथ-साथ युवाओं की भर्ती की जिम्मेदारी दी गई थी। सुहेब पिछले साल अक्तूबर में अन्य चार साथियों के साथ सक्रिय हुआ था और बारामुला में तीन स्थानीय लोगों की हत्या में भी शामिल था। दूसरे आतंकी की शिनाख्त अकील के तौर पर हुई है जो सुहेब का करीबी (बॉडीगार्ड) था। पिछले साल अक्तूबर में उसने सेना की 327 हैवी मोटर रेजीमेंट की रेकी की थी उसी दौरान वह पकड़ा गया था। करीब तीन महीने तक जेल में रहने के बाद छूटने पर वह दोबारा सक्रिय हुआ था। दोनों आतंकी खानपोरा बारामुला के रहने वाले थे।