वैष्णो देवी के यात्रियों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें वैष्णो देवी के दरबार के पास भीड़ से राहत मिलने के साथ ठहरने की आधुनिक सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए भवन के करीब दुर्गा भवन का निर्माण किया जा रहा है। 4000 यात्रियों की क्षमता वाले इस उच्च सुविधाओं से लैस भवन पर 24.4 करोड़ की लागत आएगी। इस परियोजना को 18 अगस्त 2022 को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उपराज्यपाल एवं श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा ने बुधवार को दुर्गा भवन का शिलान्यास किया।
वैष्णो देवी के यात्रियों के लिए खुशखबरी: भीड़ से मिलेगी राहत, ठहरने का होगा आधुनिक इंतजाम, जानिए खास बातें
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उन्होंने कहा मैं उन भक्तों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस नेक काम में आगे बढ़कर योगदान दिया है। लगभग 6.83 करोड़ रुपये पहले ही दान के रूप में प्राप्त किए जा चुके हैं और अगले दो महीनों में एक करोड़ रुपये से अधिक राशि प्राप्त होने की उम्मीद है। गत मार्च में हुई बैठक में भक्तों को अधिकतम सुविधा प्रदान करने के अलावा संबंधित एजेंसियों को भवन को सौंदर्य से डिजाइन करने के लिए निर्देश पारित किए गए थे।
पिछले एक साल में भक्तों की सुुविधा के लिए प्रसाद की डाक वितरण, लाइव दर्शन के लिए मोबाइल ऐप, आनलाइन पंजीकरण आदि पर काम किया गया है। कोविड प्रोटोकाल के पालन में यात्रा के सुचारू संचालन के लिए बोर्ड प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की गई।
सीईओ रमेश कुमार ने बताया कि दुर्गा भवन का निर्माण स्वीकृत मास्टर प्लान का हिस्सा है, जिसे स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर नई दिल्ली दारा तैयार किया गया है। मास्टर प्लान 2031 तक तीर्थ यात्रियों के लिए अधिकतम आवास सुनिश्चित करने के लक्ष्य को प्राप्त करेगा। श्री माता वैष्णो श्राइन बोर्ड और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने पहले ही दुर्गा भवन के निर्माण के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने माता वैष्णो देवी, परमंडल-उत्तरवाहिनी, मानसर-सुरईंसर और शिव खोड़ी को एक साथ जोड़ने के अलावा एक तीर्थ पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना बनाई है। इसमें अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जम्मू की पर्यटन क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन ने पहले ही रियासी में शिव खोड़ी विरासत स्थल के संरक्षण और बहाली के लिए एक अध्ययन किया है। जम्मू रोपवे ने जम्मू शहर के तीन प्रमुख मंदिरों को जोड़ा है। पीरखो-महामाया मंदिर और बाहु मंदिर के रोपवे के माध्यम से आपस में जुड़ने से एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण बन गया है। यहां विभिन्न पर्यटन स्थलों को लोकप्रिय बनाने के लिए जम्मू में तीन माह लंबे उत्सव का आयोजन करने की योजना है। प्रसाद योजना के तहत जम्मू के परमंडल और उत्तर वाहिनी का कायाकल्प किया जा रहा है।