सीआरपीएफ ने मंगलवार को लोगों के लिए श्रीनगर में टेलीफोन बूथ स्थापित किया। सेना का लगातार प्रयास है कि यहां के लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। परिचितों व रिश्तेदारों का हालचाल जानने के लिए स्थानीय लोगों के लिए यह व्यवस्था की गई है। वहीं शहर में प्रतिबंधों के दौरान सिटी सेंटर लाल चौक इलाके में होने वाली हर गतिविधि पर सेना की पैनी नजर है।
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सीआरपीएफ ने श्रीनगर में टेलीफोन बूथ स्थापित किया
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि अनुच्छेद 370 हटाने के लगभग एक महीने बाद जम्मू-कश्मीर में जिंदगी पटरी पर है। सुरक्षाकर्मी हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं तो आम लोग भी शहर को सामान्य देखना चाहते हैं। जम्मू से श्रीनगर तक का पौने तीन सौ किलोमीटर का मार्ग जो इन दिनों पर्यटकों से भरा रहता था, अब पर्यटकों के इंतजार में है। हालांकि कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन लोग श्रीनगर का रूख नहीं कर रहे हैं।
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सीआरपीएफ ने श्रीनगर में टेलीफोन बूथ स्थापित किया
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जम्मू और उधमपुर पूरी तरह सामान्य हैं तो रामबन और बनिहाल में भी किसी तरह की दिक्कत नजर नहीं आती। बाजार रोजाना की तरह खुलता है और रोजाना की तरह स्कूल भी। बाजार में खरीदार भी हैं। इससे आगे जवाहर टनल से निकलते ही सीआरपीएफ की गाड़ियां आभास कराती हैं कि हम हाई सिक्योरिटी जोन में पहुंच चुके हैं।
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सीआरपीएफ ने श्रीनगर में टेलीफोन बूथ स्थापित किया
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हर वाहन को चेक करने के साथ हर यात्री की आईडी को चेक करके आगे रवाना किया जा रहा है। कुछ आगे चलते हैं तो लगभग हर 500 मीटर पर जवान तैनात हैं। हर आने-जाने वाहन पर इन जवानों की नजर है तो वाहन के अंदर बैठे यात्रियों की गतिविधियों पर भी।
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श्रीनगर में कड़ी सुरक्षा है पर जनजीवन पटरी पर है। सड़कों पर रोजाना की तरह वाहन हैं। आने-जाने वालों की भी कमी नहीं। वाहनों के बीच में सुरक्षाबलों की गाड़ियां भी नजर आती हैं। बाजार अपेक्षाकृत कम खुले हैं लेकिन जो भी दुकानें खुलीं हैं, उनमें ग्राहकों की भीड़ नजर आ रही है। पूरे शहर में कहीं भी विरोध जैसी बात नहीं है।