जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस तेजी से पांव पसार रहा है। इस जंग में जीत सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से भरकस प्रयास किया जा रहा है। वीर सपूतों के साथ ही देश की बहादुर बेटियों यानी कि सीआरपीएफ की वीरांगनाओं ने भी मोर्चा संभाल रखा है।
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जरूरतमंदों के लिए भोजन के पैकेट तैयार करतीं सीआरपीएफ मददगार की वीरांगनाएं
- फोटो : सीआरपीएफ मददगार
लॉकडाउन के चलते प्रदेश में कोई भूखा न रहे इसके लिए देश की बहादुर बेटियों ने मोर्चा संभाला है। इनकी ओर से जरूरतमंदों के बीच भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। सीआरपीएफ की महिला योद्धा लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील भी कर रही हैं।
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जरूरतमंदों के लिए भोजन के पैकेट तैयार करतीं सीआरपीएफ मददगार की वीरांगनाएं
- फोटो : सीआरपीएफ मददगार
बता दें कि आतंकियों से मोर्चा लेने के साथ ही कोरोना के संक्रमण और लॉकडाउन के बीच सीआरपीएफ की ‘मददगार’ टीम स्थानीय लोगों की एक पुकार पर हर इलाके में पहुंच रही है। लोगों की समस्याओं के समाधान के साथ ही उन्हें जरूरत की चीजें भी मुहैया करा रही है।
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जरूरतमंदों के लिए भोजन के पैकेट तैयार करतीं सीआरपीएफ मददगार की वीरांगनाएं
- फोटो : सीआरपीएफ मददगार
सीआरपीएफ के डीआईजी दिलीप कुमार अंबेश का कहना है कि कुलगाम व अनंतनाग में सीआरपीएफ की ओर से इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के साथ ही कोरोना से जंग में भी भूमिका निभाई जा रही है ताकि जरूरतमंदों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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जरूरतमंदों के लिए भोजन के पैकेट तैयार करतीं सीआरपीएफ मददगार की वीरांगनाएं
- फोटो : सीआरपीएफ मददगार
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने मददगार को फोन कर मदद की गुहार लगाई जिस पर टीम ने तत्काल उक्त इलाके में पहुंचकर उनकी मदद की। अंबेश ने बताया कि टीम ने किसी भी समस्या के हल के लिए लोगों को व्हाट्सएप नंबर भी दिए हैं। एक फोन कॉल या व्हाट्सएप पर सभी जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाई जा रही है।