सीआरपीएफ कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास के घर लौटने पर बरनाई इलाके में जश्न का माहौल रहा। जम्मू एयरपोर्ट से बरनाई तक भारत माता की जय और राकेश्वर सिंह जिंदाबाद के नारे गूंज रहे थे। माहौल देशभक्ति से सराबोर था। घर पर भी बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ था। राकेश्वर को गले लगाते ही मां की आंखें छलक पड़ीं। कहा, ये खुशी के आंसू हैं। जम्मू एयरपोर्ट पर कोबरा कमांडो को लेने के लिए पत्नी मीनू देवी, बहन सरिता भाऊ और बेटी सारघ्वी के साथ डीआईजी सीआरपीएफ भानु प्रताप और सीओ सीआरपीएफ बनतालाब प्रेमचंद गुप्ता भी पहुंचे थे।
कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह की कहानी: जानिए कौन हैं वो छह लोग जिन्होंने नक्सलियों की कैद से छुड़ाया
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बरनाई पहुंचते ही मां कुंती देवी ने बेटे राकेश्वर को तिलक लगाया और आरती उतारी। उसके बाद पुष्पवर्षा से राकेश्वर का स्वागत हुआ। राकेश्वर को गले लगाते ही मां कुंती देवी की आंखों से आंसू छलक पड़े। कहा- आज पहुंची कलेजे को ठंडक। कुंती देवी ने कहा, नवरात्र के पावन पर्व पर उनका बेटा घर लौटा है, यह सब मां भगवती का आशीर्वाद है। इस बीच राकेश्वर के साथ सेल्फी लेने की भी होड़ मची रही। राकेश्वर ने कहा, देशवासियों की दुआओं के कारण आज सुरक्षित घर वापसी हुई।
पति की घर वापसी पर पत्नी के चेहरे पर भी खुशी साफ झलक रही थी। पत्नी मीनू मन्हास बोलीं- बुरा समय खत्म हुआ और अच्छा समय शुरू हुआ। मीनू मन्हास ने राकेश्वर की रिहाई में अहम भूमिका निभाने वाले छह सदस्यों का फूलों के हार पहनाकर स्वागत किया और उन्हें मिठाई खिलाई। राकेश्वर के घर पर देर शाम तक लोगों का तांता लगा रहा। स्थानीय लोग और रिश्तेदार भी इस खुशी के मौके पर मिठाई लेकर पहुंचे और घरवालों का मुंह मीठा करवाया। फोन पर भी लोग राकेश्वर और उनके परिवार को बधाई दे रहे थे।
बेटी सारघ्वी ने भी फूल देकर सबका स्वागत किया। कहा- आज मैं बहुत खुश हूं। मैंने भगवान से प्रार्थना की थी कि मेरे पापा को जल्दी घर भेज दो। आज भगवान ने मेरी सुन ली।
राकेश्वर को देखकर परिवार वालों की आंखें छलक पड़ीं। मां और भाई बोले- ये खुशी के आंसू हैं। राकेश्वर के छोटे भाई सुमित ने कहा, पूरा परिवार भाई राकेश्वर को आंखों के सामने देखने के लिए बेताब था। भाई की घर वापसी से दिल को तसल्ली हुई। यही हम सब चाहते थे। परिवार के लिए यह खुशी की घड़ी है।