जम्मू संभाग में सांबा जिले के ठंडी खुई में प्रशासन की ओर से स्थापित किए गए क्वारंटीन सेंटर से एक-एक कर लगभग 500 लोग वहां भोजन, सफाई और अन्य सुविधाओं के न मिलने से भाग निकले हैं। इनमें महिलाओं के साथ बच्चे भी शामिल हैं। लोगों ने व्यवस्थाओं पर सवाल उठाया है। आरोप है कि कई-कई दिन तक यहां रहने के बावजूद उनके सैंपल नहीं लिए गए। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के क्वारंटीन सेंटर से भागने पर आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई है। इससे पहले गुरुवार रात केंद्र में भोजन न मिलने पर तोड़फोड़ भी हुई थी।
जम्मू-कश्मीरः क्वारंटीन केंद्र से भाग गए पांच सौ लोग, फिर भागने वालों ने ही लगाए आरोप
उधर, जम्मू-कश्मीर में कोरोना संक्रमण का प्रसार बढ़ा है। शुक्रवार को प्रदेश में 386 नए संक्रमित मामले सामने आए। इनमें जम्मू संभाग से 96 और कश्मीर संभाग में 290 मामले सामने आए। जिला जम्मू में कई हफ्तों बाद एक साथ 22 और राजोरी में 51 मामले सामने आए। वहीं कश्मीर में चार मरीजों की मौत हो गई। प्रदेश में मरने वालों का आंकड़ा 159 तक पहुंच गया। घाटी में ही 144 लोग मारे जा चुके हैं। इसके अलावा 91 मरीज रिकवर हुए हैं। इनमें जम्मू संभाग से 35 और कश्मीर से 56 मरीज शामिल हैं।
जिला जम्मू में 22 संक्रमित मामलों में से 17 ट्रैवलर हैं। अन्य वर्ग में 1 बिश्नाह, 1 ग्रेटर कैलाश, 1 कुंजवानी और दो संपर्क वाले मामले हैं। इस बीच शुक्रवार सुबह गोल पुली तालाब तिल्लो निवासी संक्रमित मृतक के शव का शक्तिनगर शमशानघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान परिवार के कुछ सदस्य ही मौजूद थे।
श्रीनगर में 94, बारामुला में 36, कुलगाम में 33, शोपियां में 14, अनंतनाग में 11, कुपवाड़ा में 34, पुलवामा में 47, बडगाम में 6, बांदीपोरा में 8, गांदरबल में 7, कठुआ में 7, रामबन में 11, सांबा में 1, पुंछ में 2, डोडा, रियासी में 1-1 मामला सामने आया है। कुल 386 संक्रमित मामलों में से 66 ट्रैवलर और 321 अन्य वर्ग के मामले हैं।
जम्मू कश्मीर में शुक्रवार को कोरोना के 2139 संदिग्ध लोगों को निगरानी में लिया गया। अब तक कोरोना संक्रमण, उनके संपर्क और विदेश यात्रा से जुड़े मामलों में 308573 लोगों को निगरानी में लिया जा चुका है। इसमें 38509 को घर पर क्वारंटीन, 3943 को अस्पताल में आइसोलेशन, 44 को अस्पताल में क्वारंटीन और 44932 को घर पर सर्विलांस पर लिया गया है। इनमें 220986 ने सर्विलांस अवधि को पूरा कर लिया है।