उड़ी आर्मी बेस पर सबसे बड़े हमले को अंजाम देने वाले आतंकी सैन्य प्रतिष्ठान में दो जगहों से तारबंदी काटकर घुसे थे। एनआईए जांच टीम से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि प्रारंभिक जांच में भले ही आतंकी जैश-ए-मोहम्मद तंजीम के लग रहे थे लेकिन जांच आगे बढ़ने के दौरान आतंकियों का ताल्लुक लश्कर-ए-तैयबा से ही साबित हो रहा है।
हमले के लिए चुनी गई जगह, उड़ी सेक्टर में सेना के ब्रिगेड मुख्यालय की आतंकियों को पहले से जानकारी दी। कहां पर कौन सी इमारत है और हमले को कैसे ज्यादा मारक बनाया जा सकता है, इसे लेकर आतंकी अच्छी खासी जानकारी और तैयारी के साथ आए थे।
जांच टीम के सूत्रों ने बताया कि आग लगाने से पूर्व आतंकियों ने स्टोर और कुकिंग रूम को बाहर से बंद कर दिया था, ताकि आग से बचने के लिए जवान बाहर न आ सकें।
जांच अधिकारियों ने हमले को सटीक और ज्यादा मारक बनाने में किसी भीतरी शख्स का हाथ होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। जांच में ये भी खुलासा हुआ है कि स्टोर और कुकिंग रूम को बाहर से बंद करने के बाद दो आतंकी सैन्य अफसरों के आवासों की तरफ बढ़ने लगे थे।
इसी दौरान दोनों आतंकियों को ढेर कर दिया गया था। आतंकियों के लश्कर से जुड़े होने होने के तर्क के पीछे जांच अधिकारियों ने पुंछ हमले में शामिल आतंकियों के तौर तरीके से मिलान बताया है।