14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया था। यह उड़ी में हुए आतंकी हमले से भी बड़ा था। हमले में 40 जवान शहीद हो गए। हमला जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाकर किया गया। इस काफिले में 2500 जवान शामिल थे। घटना के लगभग तीन घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। साथ ही देश के तमाम नेताओं ने इस आतंकी हमले पर आक्रोश प्रकट किया। वहीं इस आतंकी हमले की पाकिस्तान और जैश को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी।
पुलवामा आतंकी हमलाः प्रधानमंत्री मोदी का वो बयान, फिर थर्रा उठा पाकिस्तान
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हमले के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमला घिनौना है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। उन्होंने कहा कि बहादुर जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा। पीएम मोदी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शहीदों के परिवारों के साथ पूरा देश है।
इससे पहले घटना की निंदा करते हुए रिटायर्ड जनरल वीके सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि- एक सिपाही और भारतीय नागरिक होने के नाते ऐसे कायराना हमले से मेरा खून खौलता है। जवानों के खून की एक-एक बूंद का बदला लिया जाएगा।
वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि घाटी से बेहद भयानक खबर आ रही है। एक आईडी ब्लास्ट में कई सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने की खबर है। मैं इस हमले की कड़ी से कड़ी निंदा करता हूं और घायलों के लिए प्रार्थना करता हूं। शोकाकुल परिवार के प्रति सहानभूति प्रकट करता हूं। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि जैश ने इस फिदायीन हमले की जिम्मेदारी ली है। यह 2004-2005 के आतंक के दिनों की याद दिलाते हैं।
इस हमले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी घटना की निंदा करते हुए ट्वीट किया। उनहोंने लिखा कि अवंतीपोरा से दिल दहलाने वाली घटना सामने आ रही है। हमारे जवान शहीद हुए हैं और कई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ऐसे वीभत्स हमले की निंदा करने के लिए शब्द नहीं मिल रहे हैं। आखिर कितनी जानें लेकर यह पागलपन खत्म होगा?