फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   jaish commander Sajjad Afghani encounter forces get China-made steel bullets security force on alert

कश्मीर: आतंकियों के पास फिर पहुंचीं स्टील की गोलियां, सुरक्षा बल अलर्ट

Mon, 22 Mar 2021 12:42 AM IST
योगेश जोशी अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर/नई दिल्ली Published by: योगेश जोशी Updated Mon, 22 Mar 2021 12:42 AM IST
सार

  • सुरक्षा बल अलर्ट, वाहनों, बंकरों और जवानों के रक्षा कवच किए और मजबूत।
  • चीन निर्मित स्टील के कारतूस में होती है सामान्य बुलेट प्रूफ कवच को भेदने की क्षमता।

विज्ञापन
jaish commander Sajjad Afghani encounter forces get China-made steel bullets security force on alert
JeM commander terrorist Sajjad Afghani killed in Shopian encounter - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिछले सप्ताह दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के रावलपोरा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए जैश कमांडर आतंकी विलायत हुसैन उर्फ सज्जाद अफगानी के पास से मिली चीन निर्मित स्टील की 36 गोलियों ने सुरक्षाबलों के कान खड़े कर दिए हैं। इसके बाद सुरक्षा बलों ने अपने वाहनों, बंकरों और जवानों की बुलेट प्रूफिंग क्षमता को और मजबूत किया है। स्टील की यह गोलियां सामान्य बुलेफ प्रूफ वाहनों और जवानों की बुलेट प्रूफ जैकेट को भेदने की क्षमता रखती हैं। 

विज्ञापन


अधिकारियों ने बताया कि विशेष रूप से दक्षिण कश्मीर में अब जो वाहन और जवान तैनात किए जा रहे हैं उनमें सुरक्षा की एक परत और बढ़ा दी गई है। सामान्य तौर पर एके सीरीज राइफल्स में इस्तेमाल होने वाली गोलियां व अन्य विस्फोटक पर चीनी तकनीक से हार्ड स्टील कोर की परत चढ़ाई जा रही है। इससे गोलियों में भेदने की क्षमता बढ़ जाती है। हाल ही में जैश कमांडर सज्जाद अफगानी के पास से मिले कारतूस जिसे आर्मर पियर्सिंग (एपी) कहा जाता है, कठोर स्टील या टंगस्टन कार्बाइड से निर्मित पाए गए हैं।

विज्ञापन

2017 में सामने आया था पहला मामला...

स्टील से बने कारतूसों के इस्तेमाल की पहली घटना वर्ष 2017 के नए साल की पूर्व संध्या पर सामने आई थी, जब जैश आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के लेथपोरा में सीआरपीएफ कैंप पर आत्मघाती हमला किया था। इस हमले में पांच जवान शहीद हो गए। यह सभी जवान बुलेट प्रूफ जैकेट पहने थे, उसके बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी थी। अधिकारियों ने कहा कि आतंकी संगठन जैश के असलहे में एम-4 कारबाइन और स्टील की गोलियां भी शामिल हैं। इन गोलियों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उपयोग किए जाने वाले बुलेट प्रूफ बंकरों को भेदने की क्षमता है।

पुलवामा पुलिस लाइन पर हमले में भी हुआ था प्रयोग...

31 दिसंबर, 2017 के हमले के बाद सीआरपीएफ के जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन अतिरिक्त महानिदेशक एसएन श्रीवास्तव, जो अब दिल्ली पुलिस के प्रमुख हैं, ने गहन जांच की थी। इसमें खुलासा हुआ था कि हमलावर ने एके राइफल से गोली चलाई थी। इसके बाद पिछले आत्मघाती हमलों का विश्लेषण भी किया गया। इस दौरान बैलिस्टिक विशेषज्ञों ने कहा था कि अगस्त 2016 में दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में जिला पुलिस लाइनों पर हमले के दौरान आतंकियों ने स्टील की गोलियों का इस्तेमाल किया था। इसमें आठ सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई थी।

विज्ञापन

अंतिम बार 2019 में आतंकियों ने किया था इस्तेमाल...

आतंकियों ने स्टील की गोलियों का कश्मीर घाटी में अंतिम बार जून 2019 में अनंतनाग में आत्मघाती हमले के दौरान प्रयोग किया था, जिसमें सीआरपीएफ के पांच जवान और जम्मू-कश्मीर के एक पुलिस निरीक्षक की जान चली गई थी। सभी शहीद जवानों ने बुलेट प्रूफ जैकेट्स पहन रखे थे लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई थी।

चीन बनाता है स्टील की गोलियां...

स्टील के इन कारतूसों पर पूरी दुनिया में प्रतिबंध है, लेकिन चीन इसका निर्माण करता है और वहीं से पाकिस्तान के रास्ते यह खतरनाक कारतूस आतंकियों तक पहुंचते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed