फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

एक बार फिर दहला कश्मीर: तीन दिन में पांच हत्याएं, जानिए टारगेट किलिंग के पीछे क्या है आतंकियों की साजिश?

Thu, 07 Oct 2021 12:20 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Thu, 07 Oct 2021 12:20 PM IST
विज्ञापन
Kashmir once again stunned: Five murders in three days, know what is the conspiracy of terrorists behind target killing?
आतंकी हमले के बाद रोते हुए स्कूल के शिक्षक - फोटो : बासित जरगर

कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी के प्रयासों और उनकी संपत्तियों से कब्जे हटाने की कवायद के बीच पाकिस्तान की ओर से फिर से 1990 जैसे हालात पैदा करने की लगातार साजिश रची जा रही है। घाटी में पिछले तीन दिनों के भीतर पांच नागरिकों की आतंकियों द्वारा हत्या की जा चुकी है। इससे पहले कश्मीर में आतंकियों ने 5 अक्तूबर को तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन व्यक्तियों को मौत के घाट उतार दिया था। इन हमलों में तीन नागरिकों की मौत हो गई थी। वहीं गुरुवार को सफाकदल इलाके में गवर्नमेंट ब्यॉज हायर सेकेंडरी स्कूल के अंदर घुसकर आतंकियों ने दो शिक्षकों पर गोलियां बरसा दीं। जिसमें दोनों शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई। 


कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाकर उन पर हमले कराने के साथ अब उनके मंदिरों को जलाने की कोशिश को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। नब्बे के दशक में भी इसी तरह के हालात पैदा किए गए थे, जिसके बाद कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। सूत्रों का कहना है कि दरअसल पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई को यह रास नहीं आ रहा है कि सरकार ने कश्मीरी पंडितों की संपत्तियों से कब्जा हटाने का अभियान शुरू किया है।

Kashmir once again stunned: Five murders in three days, know what is the conspiracy of terrorists behind target killing?
कश्मीर में स्कूल के अन्य स्टाफ से बात करते डीजीपी - फोटो : बासित जरगर

उनकी चिंता है कि यदि यह अभियान सफल रहा तो फिर घाटी पंडितों से आबाद हो सकती है। इसी के मद्देनजर पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और द रजिस्टेंस फ्रंट को इस समाज को निशाना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूरी साजिश इनमें खौफ का वातावरण बनाने की है।

Kashmir once again stunned: Five murders in three days, know what is the conspiracy of terrorists behind target killing?
कश्मीर में शौक में डूबा स्कूल का स्टाफ - फोटो : बासित जरगर

कुछ दिनों से कश्मीरी पंडितों पर आतंकियों ने हमले तेज किए
इसी साजिश के तहत पिछले कुछ दिनों से कश्मीरी पंडितों पर आतंकियों ने हमले तेज किए हैं। इसमें दो जनप्रतिनिधियों की हत्या कर दी गई। हाल ही में हंदवाड़ा में साथी पुलिसकर्मी अजय धर की गोली लगने से मौत को भी परिवार वाले हत्या करार दे रहे हैं। परिवार का आरोप है कि सुनियोजित तरीके से हत्या की गई। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Kashmir once again stunned: Five murders in three days, know what is the conspiracy of terrorists behind target killing?
कश्मीर में शौक में डूबा स्कूल का स्टाफ - फोटो : बासित जरगर

कश्मीरी पंडितों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है मट्टन
जब आतंकवाद चरम पर था तब भी मट्टन में कश्मीरी पंडितों ने घर-बार नहीं छोड़ा था। यहां कश्मीरियत की मिसाल के तहत दोनों समुदाय के लोग मिलकर रह रहे थे। सूर्य मंदिर में कुछ दिनों के लिए पूजा-अर्चना जरूर रुकी थी, लेकिन फिर सब कुछ सामान्य हो गया। कभी भी यहां पंडित समाज को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। देशभर में रहने वाले कश्मीरी पंडित मट्टन आकर पूजा अर्चना करते रहे। अब सीधे कुल देवी के मंदिर भार्गशिखा में तोड़फोड़ व आगजनी से कश्मीरी पंडित समाज को निशाना बनाया गया है। उनमें भय का वातावरण पैदा करने की साजिश की गई है, ताकि वे घाटी में लौटने का विचार न बना सकें। मट्टन कश्मीरी पंडितों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र है।
 

विज्ञापन
Kashmir once again stunned: Five murders in three days, know what is the conspiracy of terrorists behind target killing?
घाटी में सुरक्षा व्यवस्था - फोटो : बासित जरगर

मंदिर में तोड़फोड़ और आगजनी से कश्मीरी पंडितों में रोष
कुल देवी मंदिर में तोड़फोड़ और आगजनी से कश्मीरी पंडितों में रोष है। मट्टन इलाके के हिंदू नेता अशोक सिद्धा का कहना है कि अवांछनीय तत्वों को मंदिर में तोड़फोड़ के लिए सजा मिलनी चाहिए। यह लोग आपसी भाईचारे को फिर से बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं। पनुन कश्मीर के प्रेस सचिव एमके धर का कहना है कि अलग होमलैंड के बिना समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। वितस्ता (झेलम) के उत्तर-पूर्व इलाके में होमलैंड बनाकर कश्मीरी पंडितों को बसाया जाना चाहिए। इसमें घाटी से विस्थापित होने वाले सभी लोगों को रखा जाना चाहिए। कंपोजिट संस्कृति से समस्या का हल नहीं निकलेगा।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed