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मिलिए, यूपीएससी में दूसरा स्थान पाने वाले जम्मू कश्मीर के अतहर आमिर से

Tue, 10 May 2016 10:28 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 10 May 2016 10:28 PM IST
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ATHAR AAMIR UL SHAFI KHAN from South Kashmir is second topper in ias 2015
Athar Aamir - फोटो : अतहर आमिर के फेसबुक से
आतंकवाद से हमेशा सुर्खियों में रहे कश्मीर के अनंतनाग जिले के मट्टन के देवीपोरा निवासी 23 वर्षीय अतहर आमिर उल शफी खान ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा 2015 में दूसरा रैंक हासिल कर आकर जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन किया है। 
ATHAR AAMIR UL SHAFI KHAN from South Kashmir is second topper in ias 2015
Athar Aamir - फोटो : अतहर आमिर के फेसबुक से
खान ने लगातार दूसरी बार इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने का कारनामा किया है। पहली बार 2014 की सिविल सेवा में पहले प्रयास में ही 560वां रैंक हासिल किया था। इस सपने के पूरा होने पर अतहर कहते हैं कि उनकी पहली प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक सेवाएं देना है। 
ATHAR AAMIR UL SHAFI KHAN from South Kashmir is second topper in ias 2015
Athar Aamir - फोटो : अतहर आमिर के फेसबुक से
इसके लिए उन्होंने जम्मू-कश्मीर कैडर का आवेदन किया है। यदि यह अवसर मिलता है तो उन्हें बेहद खुशी होगी। जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक स्तर पर बहुत कुछ किया जा सकता है।  देश की इस अहम परीक्षा में दिल्ली की युवा टीना डाबी ने पहला रैंक हासिल किया है। 
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ATHAR AAMIR UL SHAFI KHAN from South Kashmir is second topper in ias 2015
Athar Aamir - फोटो : अतहर आमिर के फेसबुक से
श्रीनगर के टिंडेल बिस्को स्कूल से बारहवीं के बाद मंडी, हिमाचल प्रदेश से इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (आईआईटी) से ग्रेजुएट होने पर अतहर ने आईएएस का सफर शुरू किया। 2009 में घाटी से टापर शाह फैजल से प्रेरित होकर अतहर ने 2014 में यूपीएससी में पहला प्रयास किया और उत्तीर्ण होने के साथ उन्हें इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (आईआरटीएस) के लिए चुना गया।
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ATHAR AAMIR UL SHAFI KHAN from South Kashmir is second topper in ias 2015
Athar Aamir - फोटो : अतहर आमिर के फेसबुक से
यूपीएससी की पहली लिखित परीक्षा में उन्होंने 2025 नंबरों में से 898 नंबर पाकर सफलता हासिल की थी। अतहर कहते हैं कि फैजल से मुलाकात में उन्होंने आईएएस के लिए कई टिप्स दिए। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बेहतर कोचिंग के अलावा आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत थी। 
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