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मोदी सरकार का यह बिल इन महिलाओं के लिए बनेगा बड़ा सहारा

Thu, 28 Dec 2017 01:43 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 28 Dec 2017 01:43 PM IST
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three word change the life of these women
फाइल फोटो।

मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से छुटकारा दिलाने वाला बिल आज संसद में पेश हो गया। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद मुस्लिम ने महिला (अधिकार और विवाह का संरक्षण) विधेयक पेश किया। सरकार इस बिल को लेकर कितनी संजीदा रही, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भाजपा ने बिल को पेश करने के दौरान अपने सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए कहा था। लोकसभा में पेश इस बिल के जरिए विवाहित मुस्लिम महिलाओं को इलेक्ट्रोनिक माध्यम से या किसी और ​जरिए से तलाक देने पर पाबंदी की बात है। गौरतलब है बीते कुछ समय में तीन तलाक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

कागज के टुकड़े पर लिखा और हो गया तलाक

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रेश्मा

राजस्थान में भी तीन तलाक के कई मामले में सामने आए हैं। सीकर में सामने आए एक तीन तलाक के मामले में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा को भी सकते में डाल दिया था। जब​ एक जनसुनवाई के एक मुस्लिम महिला ने उन्हें अपने साथ हुई आपबीती के बारें में बताया। पीड़िता रेश्मा को उसके पति ने कागज के टुकड़े में लिखकर तलाक दे दिया था। रेश्मा अपने मासूम बच्चे को लेकर न्याय के लिए दरदर भटकने को मजबूर है।

दहेज नहीं दिया तो भेज दी तलाक की चिट्ठी

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फाइल फोटो।

सूर्यनगरी जोधपुर में तो लगातार तीन तलाक के मामले सामने आए है। यहां की अफसाना बानो और शगुफ्ता को भी उनके पतियों ने पत्र लिखकर तलाक ​दे दिया था। जहां अफसाना बानो को दहेज की मांग के चलते तलाक दिया गया। वहीं शगुफ्ता को पति की बेरोजगारी का विरोध करने और पीहर चले आने के चलते तलाक दे दिया गया। इसके बाद दोनों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार थी की थी।

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कोर्ट के बाहर सड़क पर तीन बार बोल कर दे दिया तलाक

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अंजुमन बानो

तीन तलाक महिलाओं की जिंदगी का कितना कड़वा अनुभाव है, जिसका इस बात का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि जोधपुर में एक व्यक्ति ने कोर्ट के बार प​त्नी को तलाक-तलाक-तलाक कहा और चलता बना। दरअसल जोधपुर की अंजुमन बानो और उसके पति अतीक के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पहले तो अतीक ने फोन पर ही तलाक देने का प्रयास किया। लेकिन जब अंजुमन नहीं मानी तो उसने कोर्ट के बाहर तलाक दे दिया।

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अदालत ने समझा और बच गया परिवार

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अमरीन बानो

जोधपुर के ​ही एक अन्य मामले में हाईकोर्ट के दखल के बाद पत्नी को तलाक देकर दूसरी शादी कर रहे शख्स की शादी रोक दी गई। जानकारी के अनुसार जोधपुर की अमरीन बानो ने कोर्ट में इस सबंध में गुहार लगाई थी। उसका कहना ​था कि उसे जो तलाक दिया गया है उसका कोई कानूनी वजूद नहीं हैं। जिसके बाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि शरीयत कानून से दिया गया तलाक अधूरा है और उसमें कई त्रुटियां है।

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