रंग किसी भी तरह का हो, जहां भी दिखता है अपना एक संदेश जरूर देता है। अपनी इसी खासियत के साथ ये रंग देश में कई शहरों पर ऐसे चढ़े कि अब लोग इन शहरों को ही इन रंगों के नाम से जानते हैं।
हम बात कर रहे हैं दुनियाभर में 'धरती धोरां री' के नाम से मशहूर देश के राजस्थान की। यहां कई शहरों को रंगों के नाम से भी जाना जाता है।
पिंक सिटी के नाम से मशहूर है राजधानी
इस कड़ी में सबसे पहले बात करते हैं राज्य की राजधानी जयपुर की, जिसे पिंकसिटी कहा जाता है। इस शहर का अंदरूनी इलाका परकोटा के नाम से मशहूर है। यहां के मुख्यमार्गों पर बनी इमारतों को गुलाबी रंग में रंगा गया है जिसे हिरमिच कहा जाता है। इतिहासकारों के अनुसार प्रिंस आॅफ वेल्स के जयपुर आने पर तत्कालीन महाराजा रामसिंह ने इसे गुलाबी रंग में रंगवाया था।
इसलिए कहते हैं इसे गोल्डन सिटी
अब बात करते हैं यहां के जैसलमेर शहर की, जिसे गोल्डन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। बताया जाता है कि यहां अधिकांश इमारतें पीले पत्थर से बनी हैं और जब इन पर सूरज की किरणें पड़ती हैं तो ये सोने जैसी दमकती नजर आती हैं।
ये ब्लू सिटी भी किसी से कम नहीं
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ब्लू सिटी के नाम से मशहूर जोधपुर
ऐसा ही एक शहर है जोधपुर, जिसे सन सिटी और ब्लू सिटी के नाम से जाना जाता है। इसके पीछे तर्क यह है कि यहां सबसे पहले ब्राह्मणों के घरों को पहचानने के लिए उन पर नीला रंग पुतवाया गया था। इससे रंग से गर्मी में मकान ठंडे भी रहने की बात कही जाती है। धीरे-धीरे यहां आसपास के लोगों ने भी अपने घरों को नीले रंग से पुतवा लिया।
पर्यटक कहते हैं इसे व्हाइट सिटी उदयपुर
अब बात करते हैं मेवाड़ की, जहां उदयपुर शहर को अलग लुक देने के लिए घरों को सफेद रंग से पुतवाने की प्रक्रिया जारी है। इस शहर को पर्यटक व्हाइट सिटी कहते हैं। ऐसा कहने की पीछे कारण ये है कि झीलों के किनारे अधिकांश इमारतें सफेद पत्थरों से बनी है।