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पद्मावती विवाद: अलाउद्दीन खिलजी नहीं इस पूर्व प्रधानमंत्री के लिए लगाए थे 'वो' आइने!
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 16 Nov 2017 03:06 PM IST
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दीपिका पादुकोण
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संजय लीला भंसाली की आने वाली फिल्म'पद्मावती' को लेकर घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। चित्तौड़गढ़ किले में जिस विवादित आईने को ऐतिहासिक बता कर कहा जाता था कि अलाउद्दीन खिलजी ने पद्मावती को पहली बार इसमे देखा है, की सत्यता भी अब सामने आ रही है।
जानिए कहां से आया था यह आईना
padmavati
अब सवाल उठता है कि रानी पद्मावती के महल में ऐतिहासिक तीन आईनों का जिक्र होता है, आखिर वे कहां से आए? क्या वे पुरातत्व महत्व की सामग्री है? इन सवालों का उत्तर अब मिल रहा हैं। जानकारों का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जब 1955 में चित्तौड़ की यात्रा पर आए थें, तब ये आईने वहां लगवाएं गए थे।
यूं गढ़ी गई कहानियां
deepika padukone
- फोटो : social media
इसके बाद यहां इन आईनों को लेकर कहानी तैयार हो गई। इन आईनों को पद्मावती से जोड़ दिया गया। स्थानीय गाइड भी पर्यटकों को बताने लगे कि यहां एक आईने में अलाउद्दीन खिलजी ने पद्मावती को निहारा था। इतना ही नहीं पुरातत्व विभाग ने भी यहां शिलालेख पर इन आईनों को लेकर भ्रामक बातें अंकित करवा दी। जबकि उस जमाने में आईने की मौजूदगी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उधर इतिहासकारों का कहना है कि जब राजा रतन सिंह राज करते थे तो आईनों का अस्तित्व नहीं था, ऐसे में आईनों से झलक दिखाने की बात पर सवाल खड़े हो जाते हैं। मलिक मोहम्मद जायसी ने पद्मावत लिखा था, लेकिन वो अलाउद्दीन खिलजी के हमले के 237 साल बाद लिखा था।
उधर इतिहासकारों का कहना है कि जब राजा रतन सिंह राज करते थे तो आईनों का अस्तित्व नहीं था, ऐसे में आईनों से झलक दिखाने की बात पर सवाल खड़े हो जाते हैं। मलिक मोहम्मद जायसी ने पद्मावत लिखा था, लेकिन वो अलाउद्दीन खिलजी के हमले के 237 साल बाद लिखा था।
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गुस्साएं लोगों ने तोड़ डाला इन आईनों को
पद्मावती
- फोटो : amar ujala
संजय लीला भंसाली ने जब पद्मावती फिल्म की शूटिंग की तो उस वक्त भी इसका विरोध हुआ। इसकी कहानी को लेकर आपत्ति जताई गई। इसके बाद फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता गया। कुछ समय पहले आक्रोशित युवकों ने इन विवादित शीशों को भी तोड़ डाला गया।
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देशभर में हो रहे हैं प्रदर्शन
Padmavati Trailer
पद्मावती फिल्म की रिलीज तारीख एक दिसंबर है। जैसे-जैसे ये तारीख नजदीक आ रही है, विरोध बढ़ता जा रहा है। जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे है। करणी सेना, राजपूत समाज से जुड़े संगठनों और अन्य संगठनों ने भी इस फिल्म् का प्रदर्शन होने पर तोड़फोड़ तक की चेतावनी दे रखी है। फिल्म पदमावती की शूटिंग के दौरान करणी सेना ने जमकर हंगामा किया था। जयपुर के जयगढ़ किले में फिल्म की शूटिंग शुरू की गई थी जिसके दौरान राजपूत संगठनों ने फिल्म के सेट पर काफी तोड़फोड़ की थी और डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ मारपीट भी की गई थी।
यहां तक कि एक नेता ने तो दीपिका पादुकोण की नाक काटने तक की धमकी दे डाली।
यहां तक कि एक नेता ने तो दीपिका पादुकोण की नाक काटने तक की धमकी दे डाली।