अब तक भारतीय एयरफोर्स में सम्मिलत फाइटर जेट दूसरे देशों से खरीदे जाते रहे है। इसमें प्रमुख रूप से रुस का नाम सबसे उपर है। लेकिन भारतीय एयर फोर्स में शामिल सिंगल इंजन हल्का लड़ाकू विमान जल्द ही भारत की दूसरे देशों पर निर्भरता कम कर सकता है। तेजस दुनिया भर की प्रमुख सेनाओं की निगाह में है। विशेष रुप से जब बीते शनिवार को दुनिया की सबसे ताकतवर अमेरिकी एयरफोर्स के चीफ आॅफ स्टॉफ ने तेजस में उड़ान भरी। अब फ्रांस के एयरफोर्स चीफ भी तेजस की शक्ति को आजमाएंगें।
क्यों पसंद आ रहा है तेजस
हल्के लड़ाकू विमान तेजस को हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड और एयरनोटिकल डवलपमेंट एजेंसी के सहयोग से निर्मित किया गया है। जानकारी के अनुसार 250-300 किमी रेंज की क्षमता वाला तेजस भारतीय वायुसेना में सम्मलित हो चुका है। इस फाइटर जेट की खास बात यह है कि इसमें इंजन अमेरिकी है। जबकि रडार-मिसाइलें इजरायल व सीट ब्रिटेन की है। प्रति घंटे 1350 किमी की स्पीड वाले तेजस की पे-लोड क्षमता करीब 4000 किलो है।
50 हजार फीट तक उड़ान
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार एलसीए तेजस को टेकआॅफ के लिए सिर्फ 460 मीटर के रनवे की आवश्यकता है। तेजस में सिंगल इंजन होने के कारण यह काफी हल्का है। इसके अतिरिक्त इसमें 42 फीसदी कार्बन फाइबर, 43 फीसदी एल्यूमिनियम अलॉय और टाइटेनियिम का उपयोग किया गया है। जो इसे सटीक लाइट फाइटर जेट बनाते है। तेजस 50 हजार फीट तक उड़ान भरने में सक्षम है। भारत को ऐसे फाइटर जेट की विशेष आवश्यकता है।
ये बनाते है तेजस को खास
भारतीय वायु सेना अब तक सुखोई, जगुआर, मिराज जैसे जेट्स का उपयोग करती है। तेजस भी भारतीय वायु सेना के इन फाइटर जेटस से किसी भी रुप में कम नहीं है। तेजस एयर टू एयर व एयर टू सरफेस मिसाइलें दागने में सक्षम है। इसके अतिरिक्त इससे एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी दागे जा सकते है। जानकारी के अनुसार तेजस फाइटर सिंगल सीटर है जबकि इसका ट्रेनर वेरिएंट टू सीटर है। तेजस की डवलपमेंट कॉस्ट करीब सात हजार करोड़ रही है। जबकि इसकी यूनिट कॉस्ट करीब 160 करोड़ रुपए है।
अब फ्रांस एयरफोर्स चीफ
तीन फरवरी को अमेरिकी एयरफोर्स के चीफ आॅफ स्टॉफ जनरल डेविड एल गोल्डफिन ने जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन से तेजस में उड़ाया था। वे करीब 40 मिनट इसमें रहे। उन्होंने तेजस को शानदार फाइटर जेट बताया था। वहीं उनसे पूर्व वर्ष 2016 नवंबर में सिंगापुर के रक्षा मंत्री भी तेजस उड़ा चुके है। जबकि सात फरवरी को फ्रांस के एयरफोर्स के चीफ आॅफ स्टॉफ आंद्रे लेनाटा भी तेजस उड़ाएंगें।