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जानिए इस अनूठे संत के बारे में, जिन्हें मिलेगा पद्मश्री
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 26 Jan 2018 12:01 PM IST
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नारायण दास महाराज
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार ने कल पद्म सम्मानों का ऐलान किया है। इन पुरस्कारों में 73 लोगों को पद्मश्री मिलेगा। इनमें आध्यात्म के लिए एक ऐसे संत को पद्मश्री के लिए चुना गया है, जिनके बारे में कई अद्भुत बातें प्रसिद्ध हैं। हम बात कर रहे हैं जयपुर के त्रिवेणी धाम के पीठीधीश्वर संत नारायण दास महाराज की।
छोटी उम्र से लगे सेवा में
नारायण दास महाराज
- फोटो : फाइल फोटो
ऐसा कहा जाता है कि नारायण दास महाराज को उनके माता पिता ने छह साल की उम्र में भगवान दास महाराज की शरण में दे दिया था। नारायणदास अपने गुरू की दिन रात सेवा करते थे। उन्होंने गुरू से दीक्षा ली और भगवान की सेवा में लग गए।
यूनिवर्सिटी बनाकर सौंप दी सरकार को
नारायण दास महाराज
- फोटो : फाइल फोटो
समूचे राजस्थान में संत नारायण दास जी महाराज का जन्म दिवस अश्विनी माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी यानी आज त्रिवेणी धाम में धूम-धाम से मनाया जाता है। नारायण दास महाराज ने संस्कृत के उत्थान के लिए संस्कृत यूनिवर्सिटी का निर्माण करवाकर सरकार को सौंप दिया था।
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एक अफवाह ने किया था भक्तों को मायूस
नारायण दास महाराज
- फोटो : फाइल फोटो
कुछ माह पहले ही एक अफवाह फैली, जिसने संत नारायणदास के भक्तों में मायूसी फैला दी। अफवाह नारायण दास महाराज के निधन की फैली। वायरल मैसेज सोशल मीडिया पर आग की तरह फैला था। नारायण दास महाराज देखने में शतायु लगते हैं।
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करवाए हैं जनहित के कई निर्माण
नारायण दास महाराज
- फोटो : फाइल फोटो
इन्होंने अनेक जगह विद्यालय, कॉलेज और अस्पतालों का निर्माण कराया। साथ ही कई पुराने मंदिरों का जीर्णोंद्धार भी करवाया। इसके अलावा इन्होनें कई जगह सामाजिक हित के कार्यों में अपना योगदान दिया। महाराज के शिष्यों के अनेक सत्संग मण्डल सुचारु रूप से चल रहे है जहां हर सप्ताह राम नाम सत्संग होता है। इसके साथ ही भी उनके साथ किसी तरह का कोई विवाद नहीं जुड़ा है।