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सरहद के पास सेना की छावनियां घिरी हैं इस 'अनजाने खतरे' से
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 20 Feb 2018 04:36 PM IST
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सरहद पर जवान
- फोटो : अमर उजाला
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पाकिस्तान की सीमा से सटे इलाकों में अब सेना की छावनियां नई तरह की परेशानी झेल सकती हैं। उन्हें ज्यादा सतर्कता बरतनी पड़ रही है। मामला जैसलमेर से जुड़ा है। पाकिस्तान की सीमा पर स्थित होने के कारण जैसलमेर में सैन्य बल भी हरकत में रहता है। जैसलमेर में वायुसेना, थल सेना व बीएसएफ के प्रशिक्षण क्षेत्र है। जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद गोपनीय स्थान है। बावजूद इसके अतिक्रमण की बाढ़ परेशानी का सबब बनी हुई है।
सुरक्षा की नजर से बेहद महत्वपूर्ण है
आर्मी कैम्प
- फोटो : अमर उजाला
सेना की छावनियों के पास तेजी से अतिक्रमण पनप रहा है। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि देश की सुरक्षा करने वालों के पास कोई भी आकर रह सकता है। जिस पर प्रशासन कोई कार्रवाई करता नहीं दिख रहा है। भारत की सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले क्षेत्रों की सुरक्षा पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रह है, जो चिंता का विषय है।
गोपनीय है जगहें, बाहर ऐसे हैं हाल
आर्मी कैम्प के पास अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
जैसलमेर में वायुसेना, आर्मी व बीएसएफ की कई छावनियां है। इन छावनियों में सेना के जवानों द्वारा आए दिन प्रशिक्षण व युद्धकौशल की तैयारियां की जाती है। जो सुरक्षा के लिहाज से बहुत गोपनीय है, लेकिन इसके बावजूद इन छाविनयों के आसपास बिना सत्यापित लोग अतिक्रमण कर निवास कर रहे हैं। जैसलमेर में वायुसेना के निकट पुलिस लाईन कच्ची बस्ती, राणीसर कच्ची बस्ती व बीएसएफ की बटालियन के पास कई लोग झोपड़ी बनाकर निवास कर रहे है। जबकि यह जगहें सुरक्षा दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
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बीएसएफ और सूचना तंत्र है सतर्क
सेना छावनी के पास अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि पुलिस द्वारा इनका वेरिफिकेशन किया जाता है, लेकिन उसके बावजूद यहां लगातार लोगों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। इस मामले दो दिन पूर्व आये सीमा बीएसफ के डीजी के के शर्मा का कहना है कि चारदिवारी के अंदर जो भी है वह पूर्ण रूप से गोपनीय है। इसके साथ ही बीएसएफ के अधिकारी व सूचना तंत्र पूरी तरीके से सतर्क है।
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इसलिए नहीं हो पाती कोई कार्रवाई
सेना छावनी के पास अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
जैसलमेर की सेना के स्थान के पास कई लोग बिना सत्यापन के ही निवास कर रहे हैं। इस दृष्टि से इन छावनियों के अंदर तो सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है लेकिन बाहरी सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है। जिससे सुरक्षा में कभी भी छेद हो सकता है। अन्य जिलों व राज्यों से रोजगार के अवसर तलाशते हुए जैसलमेर आए लोगों द्वारा इन छावनियों के पास लगातार अतिक्रमण कर निवास किया जा रहा है। जबकि इन क्षेत्रों के आस पास घुमते हुए संदिग्ध व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाता है लेकिन बिना सत्यापन के रह रहे इन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।