स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर आज बच्चों ने ये बता दिया कि राष्ट्र धर्म सभी धर्मों से ऊपर है। दरगाह के बाहर इन बच्चों ने तिरंगा झंडा हाथ में लिए अमन और चैन का पैगाम दिया।
अजमेर में विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा साहब की दरगाह के बाहर तिरंगा मार्च निकाला गया। मार्च में मदरसों के बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन सभी के हाथों में तिरंगा झण्डा था और जुबां पर हिंदुस्तान जिंदाबाद, वंदे मातरम व भारत माता की जय के नारे।
मदरसे की छात्राओं ने गाए देशभक्ति के तराने
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तिरंगा मार्च
- फोटो : amar ujala
तिरंगा मार्च के प्रभारी हाजी महमूद खान ने बताया कि दरगाह में आमतौर पर कौमी एकता का माहौल रहता है लेकिन स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति की भावना जाग्रत करने के लिए बच्चों का उत्साह तारीफ के काबिल रहा। इस दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व एडीजे राकेश गोरा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) अरविंद कुमार सेंगवा, दरगाह के खादिमों की संस्था अंजुमन के अध्यक्ष अब्दुल जर्रार चिश्ती सहित अन्य लोग मौजूद थे। मदरसे की छात्राओं ने मार्च के दौरान देशभक्ति तराने भी प्रस्तुत किए।
जायरीनों को भी वितरित किया तिरंगा
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तिरंगा मार्च
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अजमेर में हुए कार्यक्रम में सभी ने आजादी के इस त्यौंहार पर दरगाह आने वाले जायरीन व दुकानदारों को तिरंगे झंडे वितरित किए। सभी ने राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निर्वाह करने के लिए मदरसों के बच्चों को प्रेरित किया।
पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी
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सीकर में हाथ में तिरंगा लिए बच्चे
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सीकर में भी मुस्लिम युवाओं ने देश प्रेम की मिसाल पेश की। शहर के जाटीया बाजार मे हुए कार्यक्रम में मुस्लिम युवाओं ने आमजन को तिरंगे का वितरण किया और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की। राजस्थान मुस्लिम परिषद ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
देश का मुसलमान पाकिस्तान की हरकतों से बदनाम
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तिरंगा मार्च
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परिषद के संस्थापक यूनुस चौपदार ने बताया कि पाकिस्तान की दहशतगर्दी के कारण देश मे अशांति का माहौल बना रहता है। पाकिस्तान की नापाक घटनाओं से देश का मुस्लमान बदनाम हो रहा है और मुस्लिम समुदाय चाहता है कि पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए।