नाबालिग से दुष्कर्म मामले में जोधपुर की जेल में बंद आसाराम ने आज खुद को संतों की नहीं बल्कि गधों की श्रेणी में गिना डाला। ऐसा तब कहा जब मीडिया ने अखाड़ा परिषद के द्वारा उन्हें फर्जी संत की श्रेणी में डालने के बारे में पूछा। मीडिया से उन्होंने कहा कि वे गधों की श्रेणी में आते हैं। दरअसल ऐसा पहली बार नहीं है कि आसाराम ने इस तरह का बचकाना या विवादास्पद बयान दिया है। इससे पहले भी आसाराम इसी तरह के अजीबो गरीब बयान देते रहे हैं। कभी अपने भक्तों को लेकर तो कभी सिस्टम को लेकर।
कानून अंधा है और एक लड़की ...
करीबन डेढ़ साल पहले आसाराम ने अजीबोगरीब बयान देते हुए कहा था कि कानून अंधा है और एक लड़की के कारण लाखों लोग परेशान हो रहे हैं। आसाराम का संकेत उनके खिलाफ आरोप लगाने वाली लड़की की ओर था।
तब अदालत के बाहर बड़ी संख्या में आसाराम के समर्थक पहुंचे। उनके बीच आसाराम ने कहा कि एक लड़की के कारण उनके लाखों समर्थक परेशान हो रहे हैं। जेल के अंदर उनकी बीमारियों की संख्या बढ़ती जा रही है। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
मेरे पास बहुत संपत्ति है
जोधपुर में ही एक बार मामले की सुनवाई के दौरान जा रहे आसाराम से पत्रकारों ने सम्पत्ति को सवाल पूछा तो वे भड़क गए। भड़कने के बाद आसाराम ने कहा, ‘हां, मेरे पास बहुत संपत्ति है, देश में सबसे अधिक।’ अपनी बात बोलकर आसाराम ने अपने मुंह पर उंगली रखकर चुप रहने का इशारा किया।
मानो मैं कोई आतंकवादी हूं
आसाराम ने एक बार पुलिस के रवैये पर ही सवाल खड़े कर डाले। सुनवाई के लिए जब आसाराम को लाया गया तो उन्होंने इस बात को लेकर अजीब बयान दे दिया। बोले कि पुलिस तो मेरे साथ ऐसा बरताव कर रही है मानो मैं कोई आतंकवादी हूं।
...तान के चादर तू सोता जा
इसी तरह एक बार पेशी पर जा रहे आसाराम अपने भक्तों को देख भावनाओं में बह गए। बोले कि खून पसीना बहता जा...तान के चादर तू सोता जा...ये संसार की किश्ती तो हिलती जाएगी...कोई हंसता जाएगा कोई रोता जाएगा...। यही नहीं आसाराम ने ये भी कहा कि बड़ी से बड़ी आपदा के लिए तैयार रहो।