कभी आपने 1.950 ग्राम वजन की कुरान देखी है, फिर उसमें 258 पेज देखें हैं, लंबाई-चौड़ाई भी महज 1.8 सेंटीमीटर है उसकी। यदि इन सबका जवाब ना है तो यहां देखिए...
दरअसल, ये कुरान शरीफ राजस्थान के अजमेर जिले में रहने वाले एक हिंदू परिवार के घर में है। ये परिवार श्रीमद्भागवत गीता की तरह इसे भी दिल से लगाकर रखता है। परिवार दावा करता है कि उसके पास मौजूद कुरान शरीफ की ये प्रतिलिपि दुनिया में सबसे छोटी है।
बड़े अदब से होती है पूजा
2 of 5
सबसे छोटी कुरान
- फोटो : amar ujala
अजमेर के गंज इलाके में रहने वाले बालकिशन खंडेलवाल का परिवार सांप्रदायिक सौहार्द में विश्वास रखता है और उसी के अनुरूप जीवन जीता है। परिवार के मंदिर में रोजाना बड़े अदब के साथ कुरान की पूजा और देखभाल की जाती है।
258 पेज हैं कुरान में
3 of 5
सबसे छोटी कुरान
- फोटो : amar ujala
हिंदू परिवार का कहना है ये दुनिया की सबसे छोटी कुरान है। इसकी लंबाई महज 1.8 सेंटीमीटर है जबकि चौड़ाई भी 1.8 सेंटीमीटर है। इसका वजन महज 1.950 ग्राम है। कुरान में 258 पेज है जोकि अपने आप में इसे नायाब बनाते हैं।
पिता ने दी थी 42 साल पहले
4 of 5
सबसे छोटी कुरान
- फोटो : amar ujala
इतनी छोटी कुरान के 258 पेजों में कुरान की समस्त आयतें लिखी हुई हैं जिसको लैंस की मदद से आसानी से पढ़ा जा सकता है। बालकिशन बताते हैं कि आज से 42 साल पहले इनके पिता ने मरने से पहले इसे बड़ी हिफाजत के साथ उन्हें सौंपा था। उस वक्त उन्होंने कहा था कि यह कुरान परिवार में खुशहाली और बरकत का प्रतीक है इसे हमेशा संभालकर रखना।
गिनीज बुक के लिए जारी हैं प्रयास
5 of 5
सबसे छोटी कुरान
- फोटो : amar ujala
बालकिशन का कहना है कि रोजाना सुबह-शाम पिछले 42 सालों से इसकी सेवा और पूजा करते आ रहे हैं। कुरान को रखने के लिए माचिस की डिब्बी से भी छोटी डिब्बी चांदी की डिब्बी बनवाई गई है। इसका नाम राजस्थान बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया जा चुका है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में इसे शामिल करने के लिए प्रयास जारी हैं।