भारतीय करेंसी में शुक्रवार को 200 रुपए के नोट के साथ एक नया इज़ाफा हो जाएगा। 200 रुपए के नोट को लेकर विशेषज्ञों में लंबी बहस चल रही है इसके फायदे और नुकसान को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों की मानें तो कालाबजारी और भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए सरकार का उठाया गया अगला कदम है।
अंतरराष्ट्रीय पुलिस और रेगुलेटरी एजेंसियों का भी मानना है कि बड़ी करेंसी आतंकवाद और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए दुनिया भर में पेपर करेंसी और उच्च-मूल्यवर्ग को खत्म करने का अधिकारियों पर दबाव है।
हाल ही में यूरोपियन सेंट्रल बैंक ने भी घोषणा की है कि 2018 तक 500 यूरो के नोट को बंद कर देगा। और यूरोजोन में भी 200 यूरो सबसे बड़ी करेंसी होगी।
फिलहाल भारत की सबसे बड़ी करेंसी 2000 का गुलाबी नोट है। जिसपर महात्मा गांधी की फोटो है। नोट के पीछे मंगलयान की फोटो है। इसपर तत्कालीन गर्वनर उर्जित पटेल का हस्ताक्षर है।
अमेरिका की करेंसी
अमेरिका में 1934 में पेपर करेंसी के रूप में 100,000 डॉलर तक के सोने के मूल्य के बराबर के नोट जारी किए थे। इसके साथ 500, 1000 और 5000 मूल्य के डॉलर भी जारी किए थे। लेकिन उसे 1940 में ही खत्म कर दिया गया। अब अमेरिका की सबसे बड़ी करेंसी 100 डॉलर है।
चीन की करेंसी
चीन की सबसे बड़ी करेंसी भी 100 युआन है। लाल रंग के बैंक नोट पर रिपब्लिक फाउंडर माओ जेडांग की फोटो लगी है।
जापान की करेंसी
जापान में आज भी 1000, 2000,5000 और 10,000 येन की करेंसी है। जबकि यहां की सबसे छोटी करेंसी सिक्कों में है। इस करेंसी पर जापानी लेखक और टीचर फुकुजावा यूकिचि की फोटो लगी है।
जर्मनी की करेंसी
जर्मनी में 80 फीसदी ट्रांजैक्सन कैश में होती है और यहां की भी सबसे बड़ी करेंसी 500 यूरो का नोट है