महाराष्ट्र में चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर शिवसेना और भाजपा के आमने-सामने रहीं। लेकिन अब शनिवार को बड़ा सियासी उलटफेर हुआ। भाजपा के देवेंद्र फडणवीस ने दोबारा से प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले तक शिवसेना के कांग्रेस, एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रही थी। वहीं सीएम पद के लिए उद्धव ठाकरे का नाम सबसे आगे था। बहरहाल आइए जानते हैं देवेंद्र फडणवीस के जीवन की कुछ खास बातें...
महाराष्ट्र: दोबारा मुख्यमंत्री बने देवेंद्र फडणवीस को किताबें लिखने का भी शौक
- देवेंद्र फडणवीस का जन्म महाराष्ट्र के नागपुर में 22 जुलाई 1970 को हुआ था।
- देवेंद्र ने 2006 में अमृता रानाडे से विवाह किया। वह एक्सिस बैंक में काम करती हैं। देवेंद्र और अमृता की एक बेटी दिविजा है।
- साल 2001 में वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए।
- देवेंद्र फड़नवीस भी किताबें लिखना पसंद करते हैं। वे तीन मराठी किताब लिख चुके हैं।
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महाराष्ट्र में चुनाव के बाद दोबारा सीएम पद की शपथ लेने के लिए बीजेपी के उम्मीदवार देवेंद्र काे राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता गंगाधर राव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ में रहे। हालांकि उन्होंने राजनीति में पिता से अलग अपनी खुद की पहचान बनाई। कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने पांच साल सफलतापूर्वक महाराष्ट्र की सरकार चलाई।
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- देवेंद्र फडणवीस की मां सरिता अमरावती के प्रसिद्ध कलती परिवार की वंशज हैं। देवेंद्र ने नागपुर के सरस्वती विद्यालय से अपनी स्कूली शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने 1986-87 में धरमपेठ जूनियर कॉलेज में दाखिला लिया।
- फिर लॉ कॉलेज नागपुर से कानून की डिग्री पूरी की। अपने कॉलेज के दिनों में वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सक्रिय सदस्य भी रहे थे।
- उन्होंने सक्रिय राजनीति में आने से पहले जमीनी स्तर पर राजनेताओं के लिए काम किया। सभी को साथ लेकर चलने की उनकी अनूठी शैली के कारण ही उन्हें सक्रिय राजनीति में आगे चलकर सीएम जैसे महत्वपूर्ण पद पर काम करने का अवसर मिला।
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- देवेंद्र फडणवीस ने 31 अक्तूबर 2014 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सीएम पद की शपथ ग्रहण की थी। वह 44 वर्ष की अवस्था में राज्य के दूसरे सबसे छोटे मुख्यमंत्री बने।
- उन्हें 2002-03 में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ द्वारा सर्वश्रेष्ठ संसदीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह राजनीति में युवाओं की भागीदारी व स्वामी विवेकानंद के दर्शन को मानकर उस पर चलने में हमेशा यकीन रखते हैं।
- साल 2013 में वे महाराष्ट्र में बीजेपी की राज्य इकाई के अध्यक्ष बने। इससे पहले 2010 में वे प्रदेश महासचिव थे।