आज हम आपको ऐसे आईपीएस अफसरों के बारे में बताएंगे, जिनके बारे में जानकर आप उन पर नाज़ करेंगे। इन अफसरों ने अपने काम के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनाई है। इन लोगों ने मुश्किल से मुश्किल घड़ी मे अपनी ड्यूटी निभाई है और ये किसी के दबाव में नहीं आते है। ऐसे अफसरों को लिस्ट बहुत लंबी है जिन्होंने अपने काम प्रति ईमानदारी और निष्ठा दिखाई है। लेकिन हम सिर्फ इन पांच आईपीएस अफसरों की बात करेंगे। जानें वे कौन हैं??
असम की लेडी सिंघम आईपीएस संजुक्ता पराशर
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संजुक्ता पराशर
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असम के लोग संजुक्ता पराशर को लेडी सिंघम भी कहते हैं। संजुक्ता ने जेएनयू से पीएचडी की है। साल 2006 में उन्होंने यूपीएससी में 85 रैंक हासिल कर अपने आईपीएस बनने का सपना साकार किया। संजुक्ता ने बोडो उग्रवादियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में प्रमुख भूमिका निभाई थी। संजुक्ता ने 2015 में असम के जोरहाट जिले को एसपी के तौर पर लगातार असम के जंगलों में एके-47 थामे सीआरपीएफ के जवानों और कामंडो को लीड करती रहीं।
उग्रवादियों का किया था खात्मा
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संजुक्ता पराशर
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अप्रैल में उनकी टीम ने सेना पर हमला करने वाले उग्रवादियों को दबोचा था, साथ ही उन उग्रवादियों को भी पकड़ा को जंगल का इस्तेमाल छुपने के लिए करते थे। ऐसी जगह पर ऑपरेशन करना बहुत मुश्किल होता है जहां पर मौसम का भरोसा नहीं रहता है। यह इलाका बेहद दुर्गम है। नदी और जंगली जानवरों को खतरा हमेशा सामने रहता है। लोकल लोग उग्रवादियों को पुलिस के बारे में सूचना देते रहते है। उनके नेतृत्व में 16 उग्रवादियों को मार गिराया गया और 64 को गिरफ्तार कर भरी मात्रा में गोला बारूद भी जब्त किया गया।
आईपीएस रूपा मुदगिल, जिनका नाम सुनकर कांपते है बदमाश
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रूपा मुदगिल
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आईपीएस रूपा मुदगिल अखबारों की हेडलाइन्स बनने से बचती है लेकिन अपने साहसी कारनामों के कारण वह हमेशा सुर्ख़ियो में बनी रहती हैं। ब्यूरोक्रेट्स की दुनिया में कुछ ही लोग ऐसे होते है जो अलग हटकर कुछ काम करने की हिम्मत जुटा पाते है। रूपा मुदगिल उन कुछ लोग में से एक हैं।
जेल में शशि कला की ऐश का किया था पर्दाफाश
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रूपा मुदगिल
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रूपा मुदगिल अपनी निडरता और बेकबकी के लिए जानी जाती है। उन्होंने देश के जैल सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार का उजागर किया था। रूपा ने एआईएडीएमके कि नेता वीके शशि कला को जेल में मिल रही वीआईपी ट्रीटमेंट के खिलाफ आवाज उठाई थी। उस वक्त शशिकला बैंगलुरू के प्रपन्ना अग्रहार सेंट्रल जेल में बंद थीं।