एक कश्मीरी युवा उबेर ने ऐसा ड्रोन बनाया है, जिसका उपयोग करके सीमा पार आतंकी कैंपों को पल भर में उड़ाया जा सकेगा। 'स्वास्तिक' नाम का यह ड्रोन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस है कि यह स्वयं ही इस बात की पहचान कर सकेगा कि आतंकियों की भीड़ कहां है? आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ही अपने टारगेट की पहचान करके उन पर बम बरसा देगा।
20 किमी की दूरी तक मार
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Swastik Drone
- फोटो : AmarUjala
वहीं इस ड्रोन की एक और खासियत है कि सैन्य अभियानों के अलावा भीड़ पर आंसू गैस छोड़ने या बाढ़ में फंसे लोगों तक भोजन इत्यादि पहुंचाने जैसे कामों में भी किया जा सकेगा। इस ड्रोन से लाइन अप डायरेक्शन में बीस किलोमीटर तक की दूरी तक हमला किया जा सकता है या किसी प्रकार की मदद पहुंचाई जा सकती है।
सात से आठ किलो वजन ढोने की क्षमता
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अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त उबेर ने अमर उजाला को बताया कि उनकी तकनीकी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक आपरेशन में दस से अधिक ड्रोन एक बार में चलाए जा सकते हैं। एक ड्रोन आधा किलो से लेकर सात से आठ किलो तक का (अलग प्रकार के ड्रोन से) सामान एक बार में ले जा जा सकेगा। अधिकतम 30 मीटर तक की ऊंचाई तक उड़ सकने वाले इन ड्रोनों से किसी समारोह के दौरान शानदार आतिशबाजी जैसा नजारा भी लिया जा सकेगा।
लागत 80 हजार रुपये
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इस प्रोजेक्ट में विशेष भूमिका निभाने वाले आईआईटी दिल्ली के छात्र विकास सिंह ने बताया कि उनके ड्रोन में लीथियम की लीपो पॉलिमर बैटरी (10,000 एमएच) की एक से चार बैटरी लगाई जा सकती है। इसके माध्यम से एक बैटरी वाले ड्रोन को एक बार में आधे घंटे तक लगातार उड़ाया जा सकेगा। ज्यादा वजन उठाने वाले ड्रोन में बैटरी की क्षमता बढ़ा दी जाती है और यह अपनी क्षमता के मुताबिक 20 मिनट से अधिक तक की उड़ान भर सकता है। स्वास्तिक का आकार 1X1 मीटर के है। इस एक ड्रोन की लागत 80 हजार रुपये आ रही है, वहीं क्षमता बढ़ाने पर इसकी लागत बढ़ जाती है।
जारी है परीक्षण
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विकास सिंह के मुताबिक लाइन अप डायरेक्शन मिलने पर यह ड्रोन 20 किलोमीटर तक की उड़ान भर सकता है, जबकि लाइन अप डायरेक्शन न मिलने पर भी इसे दस किलोमीटर तक उड़ाया जा सकेगा। दिल्ली में खुले क्षेत्र की कमी के कारण अभी तक वे केवल पांच किलोमीटर दूरी तक ही उड़ाने में सफल हो सके हैं। इससे अधिक दूरी की उड़ान के लिए अभी उन्हें परीक्षण करना बाकी है।