पुलिस अकादमी के मैदान पर पासिंग आउट परेड हो रही थी और एक युवा महिला आईपीएस अधिकारी के मन में एक बात चल रही थी 'आखिरकार हमने करके दिखा दिया, अब जमीन पर उतरकर समाज के लिए बेहतर करना हैं '। वो अधिकारी थी, 2008 बैच की आईपीएस अलंकृता सिंह। बचपन से ही पिता से एक ही सीख मिली आत्मसम्मान के साथ जीवन जीना है, समाज ने जो दिया है उसको सम्मान के साथ वापस देना है। आईपीएस अधिकारी अलंकृता सिंह की कहानी बहुत दिलचस्प है। आइए आज जानते हैं उनकी शक्ति और संकल्प की प्रेरक कहानी।
एक्सक्लूसिव: मां की एक नसीहत ने बनाया आईपीएस, आज खुद बना रही हैं आईपीएस
सार
- 2008 बैच की IPS अधिकारी हैं अलंकृता सिंह
- माता-पिता की प्रेरणा ने बना दिया आईपीएस-अलंकृता
- पिता ने कहां आत्मसम्मान के साथ 'जीवन जीना हैं '- अलंकृता
- 'महिलाओं को नेतृत्व करता देख, भविष्य बेहतर दिखता हैं '
- 'हिम्मत बनाए रखनी हैं, हमारे लिए कुछ भी असंभव नहीं '
- 'महिलाओं को नेतृत्व करता देख, भविष्य बेहतर दिखता हैं '
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