{"_id":"6a9f91d07828fd319f0a5246","slug":"brics-summit-delhi-special-focus-on-seamless-cross-border-payment-mechanism-heavy-reliance-on-usd-and-euro-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्रिक्स सम्मेलन: सीमा पार सुगम भुगतान तंत्र पर रहेगा खास जोर, डॉलर-यूरो पर अत्यधिक निर्भरता के विकल्प की तलाश?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ब्रिक्स सम्मेलन: सीमा पार सुगम भुगतान तंत्र पर रहेगा खास जोर, डॉलर-यूरो पर अत्यधिक निर्भरता के विकल्प की तलाश?
Tue, 08 Sep 2026 10:10 AM IST
ज्योति भास्कर
अजीत खरे, अमर उजाला, नई दिल्ली।
अजीत खरे, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 08 Sep 2026 10:10 AM IST
सार
ब्रिक्स सम्मेलन: सीमा पार सुगम भुगतान तंत्र पर रहेगा खास जोर, डॉलर-यूरो पर अत्यधिक निर्भरता के विकल्प की तलाश?
विज्ञापन
दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सीमा पार सुगम भुगतान तंत्र विकसित करने पर खास जोर रहेगा। भारत की कोशिश है कि वित्तीय सहयोग, भुगतान और व्यापार सुगमता में राष्ट्रीय मद्राओं के सीमित उपयोग पर एक सहमति बने और इसे संयुक्त घोषणा पत्र में शामिल कराया जाए। पिछले दिनों जयपुर में ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रालयों की बैठक में इस मुद्दे चर्चा हुई।
विज्ञापन
अभी और सहमति बनाने जरूरत
ब्रिक्स में इसके क्रियान्वयन को लेकर कुछ मतभेद दिखते हैं। भारत चाहता है कि ऐसा तंत्र बने जिससे भुगतान की लागत व इसमें लगने वाला समय घटे। हालांकि, राह आसान नहीं है। यदि ब्रिक्स देश आपसी व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हैं, तो पश्चिमी बाजार इसे डॉलर के खिलाफ एक खुली जंग के रूप में देख सकते हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- ब्रिक्स शिखर बैठक: दिल्ली आएंगे 10 देशों के मेहमान, भारत का कूटनीतिक इम्तिहान; एजेंडा क्या और कितनी चुनौतियां?
विज्ञापन
डॉलर, यूरो पर निर्भरता घटाने के लिए रूस व चीन खासे सक्रिय
ब्रिक्स सदस्य चाहते हैं कि अमेरिकी डॉलर, यूरो आदि प्रमुख मुद्राओं पर अत्याधिक निर्भरता का विकल्प निकाला जाए। इसमें रूस व चीन खासे सक्रिय हैं, वहीं भारत सावधानी बरतते हुए बीच का रास्ता निकालना चाहता है। भारत चाहता है कि व्यापार और पर्यटन से जुड़े भुगतानों के लिए मुद्राओं को आपस में जोड़ा जाए। ऐसा करते हुए भारत को अमेरिका के ब्रिक्स के प्रति कड़े नजरिये का भी ध्यान रखना है। अमेरिका का ब्रिक्स को लेकर रुखा रुख रहा है। कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ब्रिक्स अगर डॉलर से दूरी बनाते हैं तो तो उन पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है।