26/11 आतंकी हमले में मां-बाप का साया खो देने वाला 'बेबी मोशे' मंगलवार को मुंबई पहुंचा। करीब 10 साल बाद भारत आए मोशे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इजरायल दौरे के दौरान भारत आने का न्योता दिया था। मोशे का बुधवार को मुंबई एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया और उसके साथ उसके दादा और नैनी सैंड्रा सैमुअल भी मौजूद थीं।
भारत आते ही मोशे ने कहा कि वह यहां आकर बेहद खुश है। टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक मोशे नरीमन हाउस जाएगा, साथ ही वह गेट वे ऑफ इंडिया भी जाएगा। नरीमन हाउस में मोशे के स्वागत के लिए बड़ी तैयारियां की गई है, जिनमें इजारयली डिश भी बनाई गई है।
बता दें कि मोश अपने परिवार का इकलौता सदस्य था जो 26/11 को मुंबई में हुए हमले की रात जिंदा बच गया था। उस मौत के मंजर की कहानी मोशे की आया सैंड्रा सैमुअल ने बयां की। सैंड्रा ने बताया कि वे हालात मोशे के जीवन के सबसे खौफनाक पल थे, क्योंकि वह मौत के मुंह से बच निकलने में सफल रहा था। जब आतंकियों ने मुंबई पर हमला किया, तो उन्होंने नरीमन हाउस को भी अपना निशाना बनाया।
सैंड्रा ने बताया कि मोशे इस वक्त दो साल का था और गोलियों की गूंज के बीच उसके रोने की आवाज दब रही थी। उन्होंने बताया कि वह हर बुधवार अपने दोनों बेटों से मिलने जाती थी, लेकिन वह उस रात वहां नहीं गई।
दरअसल, आतंकियों ने चबाड हाउस के नाम से चर्चित नरीमन हाउस में मोशे के पिता और निदेशक रब्बी गेव्रिएल और रिवका होल्ट्जबर्ग व छह अन्य लोगों की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इस दौरान सैंड्रा मेथुअल्स नाम की महिला ने बड़ी बहादुरी से मोशे को बचाया था और इसी वजह से इजरायल सरकार ने नियमों को दरकिनार करके सैंड्रा को वहां की नागरिकता दी थी।