रोजाना खुल कर हंसने से व्यक्ति मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करता है, जिससे उसकी मानसिक क्षमता में वृद्धि होती है। हंसने से याददाश्त अच्छी होती है। इसके अलावा हंसने से हमें दर्द में भी आराम मिलता है। इसलिए कोशिश करें रोजाना खुल कर हंसे और अपने आसपास मौजूद लोगों भी हंसाएं। हंसने के लिए आप कुछ मजेदार जोक्स पढ़ सकते हैं जो हंसने-हंसाने में आपकी मदद करेंगे। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ मजेदार जोक्स जिन्हें पढ़कर आप ठहाके लगाने पर मजबूर हो जाएंगे। तो चलिए शुरू करते हैं हंसने-हंसाने का सिलसिला...
आज के मजेदार जोक्स: आदमी ने कंडक्टर से पूछा- आप कितने घंटे बस में रहते हो? जवाब सुनकर नहीं रुकेगी हंसी
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एक आदमी ने कंडक्टर से पूछा - आप कितने घंटे बस में रहते हो?
कंडक्टर - जी 24 घंटे.
आदमी - वो कैसे?
कंडक्टर - देखिए, 8 घंटे तो सिटी बस में रहता हूं और
बाकी के 16 घंटे बीवी के बस में रहता हूं.
बच्चा- मम्मी आप तो कहती थीं कि परी उड़ती है फिर अपनी पड़ोसन आंटी उड़ती क्यों नहीं?
मम्मी- उस बंदरिया को परी किसने कहा?
बच्चा- डैडी ही उन्हें परी कहकर बुला रहे थे ।
मम्मी- तो फिर बेटा आज उड़ेगी वो आंटी और साथ में तुम्हारे पापा भी।
गप्पू - मां सारे खिलौने बेड के नीचे छिपा दो...
मां - क्यों?
गप्पू - क्योंकि मेरा दोस्त डब्बू आ रहा है..
मां - डब्बू खिलौने चुरा लेगा..
गप्पू - नहीं, वह अपने खिलौने पहचान लेगा...
मंटू - कल मैंने रॉकेट छोड़ा
तो सीधे सूरज से जा टकराया।
घंटू - क्या बात कर रहा है?
फिर क्या हुआ?
मंटू - फिर क्या?
मेरी पिटाई हुई।
घंटू - किसने मारा?
मंटू - सूरज की मम्मी ने...