यमुनानगर: अध्यापक पहुंचे शिक्षामंत्री आवास, पुलिस ने खदेड़ा, धरना दिया तो बसों में भरकर अलग-अलग जिलों के बस स्टैंड पर छोड़ा

संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 12 Jan 2022 01:24 AM IST
अध्यापकों को धरने से हटाती पुलिस।
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हरियाणा के यमुनानगर में मांगों को लेकर जगाधरी अनाज मंडी में धरने पर डटे बर्खास्त पीटीआई व ड्राइंग टीचरों की जब सरकार ने सुनवाई नहीं की तो उन्होंने मंगलवार सुबह सवा छह बजे शिक्षामंत्री के निवास पर विरोध करने के लिए कूच किया। इसकी भनक पुलिस को भी नहीं लगी थी, परंतु जब टीचरों ने शिक्षामंत्री निवास के समक्ष पहुंचकर विरोध स्वरूप नारेबाजी शुरू की तो पुलिस बल वहां पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया गया। यही नहीं इसके बाद शाम के समय दल बल के साथ धरनास्थल पर पहुंचे एसपी कमलदीप गोयल ने जगाधरी अनाजमंडी में धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को भी जबरन हटा दिया। इस दौरान पुलिस ने टीचरों को जबरन हिरासत में लेकर रोडवेज की बसों में बिठाया और फिर जिले से बाहर अलग-अलग स्थलों पर छोड़ दिया। इससे पीटीआई व ड्राइंग टीचरों में नाराजगी है। 
अध्यापकों को धरने से हटाकर बस में बैठाया, एसपी ने किया निरीक्षण।
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यमुनानगर की जगाधरी अनाजमंडी में मांगों को लेकर बर्खास्त पीटीआई और ड्राइंग टीचर कई दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बीते रोज चंडीगढ़ में सरकार से वार्ता विफल होने के बाद मंगलवार की सुबह नाराज शिक्षकों ने शिक्षामंत्री आवास के लिए कूच किया।
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धरनास्थल से अध्यापकों के सामान को हटाती पुलिस।
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बिना नोटिस और सूचना के शिक्षामंत्री आवास के समक्ष अचानक पहुंचे प्रदर्शनकारियों को देखकर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते भारी संख्या में पहुंचे पुलिस बल ने शिक्षकों को जबरन खदेड़ दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वापस जगाधरी मंडी लौटकर नए सिरे से रणनीति पर मंथन किया। इसी दौरान शाम को एसपी के नेतृत्व में पहुंचे पुलिस बल ने धरनास्थल से भी जबरन बसों में भरकर प्रदर्शनकारियों को अंबाला, करनाल, कैथल आदि बस स्टैंडों पर ले जाकर छोड़ दिया गया। 
धरनास्थल से अपना सामान लेकर जाते अध्यापक।
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इस संबंध में संयुक्त शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक रामस्वरूप शर्मा का कहना है केवल विरोध करने के लिए टीचर शिक्षामंत्री आवास के समक्ष गए थे, किसी ने कोई हंगामा नहीं किया। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को जबरन खदेड़ा गया। यही नहीं धरनास्थल पर भी पुलिस की ओर से ज्यादती की गई।
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धरनास्थल से अध्यापकों के सामान को हटाती पुलिस।
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आरोप है कि पुलिस ने धरनास्थल पर भी शेड के नीचे लगे टेंट, परदों को उखाड़ दिया और वहां पड़े सामान को जब्त कर लिया। इसके बाद टीचरों को हिरासत में लेकर रोडवेज की बसों में बिठा दिया गया और अलग-अलग जिलों जैसे अंबाला, करनाल, कैथल आदि बस स्टैंडों पर जाकर छोड़ दिया गया। दूसरी ओर इस संबंध में एसपी कमलदीप गोयल का कहना है कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को एक जगह एकत्रित होने से मना गया था, लेकिन नहीं मानने के बाद उन्हें अलग-अलग जगहों पर छोड़ा गया। किसी के साथ कोई ज्यादती नहीं की गई है। 
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