हरियाणा में वर्ष 2022 हमारे लिए कुछ अच्छी तो कुछ बुरी यादें देकर जा रहा है। चाहें डाडम हादसा हो या गुरुग्राम की बहुमंजिला इमारत में फ्लैट की छत गिरने का मामला हो, जिसने हमें झकझोर दिया। इसके बाद भी कई सुखद अहसास भी हैं जिन पर हम गर्व कर सकते हैं। प्रदेश के खिलाड़ियों ने विश्व में हरियाणवी लट्ठ गाड़ अपना दम दिखा दिया। साल की महत्वपूर्ण घटनाओं को समेटे यह झरोखा आपके सामने प्रस्तुत है....
झरोखा 2022
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डाडम खान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साल 2022 के पहले दिन डाडम में बड़ा हादसा भिवानी जिले में तोशाम क्षेत्र के डाडम खनन क्षेत्र में एक जनवरी 2022 को पोकलेन और जेसीबी से खुदाई करते समय पहाड़ दरकने से नीचे दबे चार मजदूरों की मौत हो गई थी। तीन मजदूर गंभीर घायल हुए। पहाड़ दरकने के इस बड़े हादसे में 10 से अधिक वाहन भी नीचे दब गए थे। हादसे के 36 घंटे बाद पंजाब निवासी दिनेश दत्ता का शव पत्थरों के नीचे से निकाला जा सका था। हादसे के सप्ताह भर बाद तक रेस्क्यू चला और फिर सरकार और एनजीटी की लंबी जांच भी चली। जांच में मानकों को ताक पर रखकर पहाड़ की खोदाई की बात सामने आई। एनजीटी के जुमानज़ वसूलने के आदेश पर अब तक अमल नहीं हो सका है। इस हादसे के बाद से डाडम में खनन बंद है।
फतेहाबाद में लिखी गई संयुक्त विपक्ष की पटकथा
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प्रमुख सियासतदान एक मंच पर जुटे।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
25 सितंबर 2022 को फतेहाबाद में आयोजित इनेलो की सम्मान दिवस रैली में देश में तीसरा मोचाज़् बनाने की सियासी कवायद करने वाले प्रमुख सियासतदान एक मंच पर जुटे। पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की जयंती पर फतेहाबाद की नई अनाज मंडी में हुई इस रैली में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार, कम्युनिस्ट नेता सीताराम येचुरी, पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल सहित कई सियासी दलों के प्रमुख नेता शामिल हुए। इसी रैली में देश में भाजपा के खिलाफ सभी सियासी दलों के एकजुट होकर संयुक्त विपक्ष की पटकथा तैयार की गई।
थारा फूफा जिंदा है...
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102 साल के दुलीचंद ने दिया था जिंदा होने का सबूत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल)
परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों में गलतियों का खामियाजा प्रदेश में सैकड़ों बुजुर्गों को भुगतना पड़ा। उन्हें मृत दिखाकर पेंशन बंद कर दी गई। अफसरों इस रवैये के विरोध में रोहतक में आठ सितंबर को अनोखे अंदाज में प्रदशज़्न करने वाले 102 वषीज़्य दुलीचंद पूरे राज्य में छा गए थे। जिंदा होने के बाद भी वृद्धावस्था पेंशन काटने के विरोध में उन्होंने ‘थारा फूफा जिंदा है...’ लिखी तख्ती लेकर बैंडबाजे के साथ रथयात्रा निकाली थी। इस मामले पर काफी हंगामा हुआ था। इसके बाद काटी गई पेंशन के मामलों में सरकार ने संज्ञान लिया।
सोनाली की बेटी को सीबीआई से न्याय की उम्मीद
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बेटी यशोधरा और सोनाली फोगाट।
- फोटो : अमर उजाला
हिसार जिले की आदमपुर विधानसभा से भाजपा की प्रत्याशी रही सोनाली फोगाट की 23 अगस्त 2022 को गोवा के रिसोर्ट में हत्या कर दी गई थी। शुरुआती दौर में गोवा पुलिस इसे हादसा मानकर जांच कर रही थी। हत्या का केस दर्ज होने तक परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर दिया था। इस मामले में सोनाली के पीए सुधीर सांगवान तथा उसके सहयोगी सुखविंद्र को मुख्य आरोपी बनाया गया है। परिजनों का आरोप है कि सुधीर ने संपत्ति के लिए सोनाली की हत्या की। परिवारीजनों को गोवा पुलिस पर भरोसा नहीं था। उनकी बेटी यशोधरा व परिजनों ने सीएम मनोहर लाल से मिलकर सीबीआई जांच के लिए गुहार लगाई थी। सीबीआई जांच न होने पर ढाका खाप के लोगों ने सर्वखाप महापंचायत बुलाई थी। 11 सितंबर को हुई महापंचायत में सरकार को दो सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया। 12 सितंबर को सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी गई। सीबीआई पिछले साढ़े तीन महीने से जांच कर रही है।