डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह को 21 दिन की फरलो मिली है। सूचना आते ही डेरा श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। सोमवार सुबह करीब 11 बजे सूचना आई तो उस समय डेरे में नाम चर्चा चल रही थी। इस बारे में साध संगत को बताया गया। यह सुनते ही श्रद्धालु खुश हो गए और झूमने लगे। सूचना मिलते ही आसपास के श्रद्धालु डेरा में एकत्रित होना शुरू हो गए। वहीं दूसरी तरफ दिवंगत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल ने इसे सरकार की तरफ से फरलो गिफ्ट करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने वोट की चाह में यह फैसला लिया है। अंशुल ने फरलो के फैसले के खिलाफ न्यायालय में जाने का निर्णय भी लिया है।
डेरा मुखी को फरलो: सूचना मिलते ही श्रद्धालुओं में खुशी, पत्रकार छत्रपति का बेटा बोला- सरकार ने चुनाव में वोट के लिए दिया है फरलो गिफ्ट
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डेरा प्रबंधन बोला घरों में रहे, सूचना पहुंचा दी जाएगी
फैसले के बाद डेरा श्रद्धालु एकत्रित होना शुरू हो गए। इस पर डेरा प्रबंधन ने एक बयान जारी किया। डेरा सच्चा सौदा प्रबंधक कमेटी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि डेरा सच्चा सौदा की मैनेजमेंट कमेटी ने साध संगत से अनुुरोध किया है कि वे अपने-अपने घरों में रहे। गुरु के दर्शनों के बारे में कोई भी कार्यक्रम होगा तो बता दिया जाएगा। साथ ही यह भी कहा है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों में ना आए और डेरा सच्चा सौदा के जो ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफार्म हैं उन पर ही दी गई जानकारी पर अमल करे।
छत्रपति बोल- कोर्ट में देेंगे फैसले को चुनौती
दिवंगत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने कहा कि सरकार ने चुनाव को देखते हुए डेरा मुखी को फरलो गिफ्ट की है। इस समय पांच राज्यों में चुनाव है। खासकर पंजाब और यूपी में चुनाव को देखते हुए सरकार ने डेरा मुखी को सैर सपाटा करवा वोट का फायदा लेने के लिए यह फैसला किया है। उन्होंने इसे सरकार का बेशर्मी भरा फैसला बताया। साथ ही चेतावनी दी कि इन हरकतों से बाज आए। उन्होंने कहा कि जेल नियमों के अनुसार हार्डकोर अपराधी को फरलो नहीं दी जा सकती। लेकिन इसके बावजूद जेल प्रशासन ने हरियाणा एजी से कानूनी राय मांगी तो जवाब आया कि यह हार्डकोर अपराधी नहीं है। इसे इस आधार पर फरलो दे दी गई। जबकि यह गलत है। अंशुल छत्रपति ने कहा कि फरलो के फैसले के खिलाफ अब न्यायालय में जाएंगे। क्योंकि डेरा मुखी दो हत्या, दंगे करवाने सहित अन्य गंभीर मामलों में दोषी करार हो चुका है, जबकि कई मामले अभी भी उसके खिलाफ विचाराधीन है। छत्रपति ने सवाल खड़ा किया कि यदि इन सबके बावजूद भी हार्डकोर अपराधी की श्रेणी में यह नहीं आता तो इसकी परिभाषा मैं दोबारा पूछता हूं।
प्रशासन हुआ एक्टिव, सीआईडी-आईबी हरकत में आए
डेरा मुखी को पेरोल की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन एक्टिव हो गया है। सीआईडी व आईबी भी हरकत में आ गई है। डेरे की ओर जाने वाली रास्तों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि डेरा मुखी यहां आएंगे या नहीं, यदि आएंगे तो कब। इसके बावजूद सुरक्षा को लेकर प्रशासन कोई चूक नहीं झेलना चाहता। इसलिए लगातार नजर बनाए हुए है। डेरे की गतिविधियों को लेकर भी प्रशासन के अधिकारियों ने रिपोर्ट लेना शुरू कर दिया है।
कड़ी सुरक्षा में गुरुग्राम पहुंचा
पुलिस की निगरानी में रोहतक की सुनारिया जेल से रामरहीम को गुरुग्राम ले जाया गया। राम रहीम को लेकर 3 बजकर 25 मिनट पर सुनारिया जेल से काफिला निकला, जाे 4.58 पर गुरुग्राम पहुंचा।