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Haryana: नौसेना के जवान रविकांत को दी गई अंतिम विदाई, माता-पिता के इकलौते बेटे थे; तीन साल पहले हुई थी शादी
Fri, 24 Jul 2026 07:30 PM IST
मयूर शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, महेंद्रगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, महेंद्रगढ़
Published by: मयूर शर्मा
Updated Fri, 24 Jul 2026 07:30 PM IST
सार
रविकांत की शादी तीन साल पहले 2023 में हुई थी और उनकी पत्नी मुंबई में उनके साथ ही रहती थीं। कुछ समय पहले ही उनका तबादला दिल्ली से मुंबई हुआ था।
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महेंद्रगढ़ के कनीना में नौसेना के जवान रविकांत को सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
- फोटो : संवाद
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माता-पिता के इकलौते बेटे थे रविकांत
- फोटो : संवाद
तीन साल पहले हुई थी शादी
सरपंच प्रतिनिधि श्रीपाल यादव ने बताया कि रविकांत का विवाह वर्ष 2023 में हुआ था और उनकी पत्नी मुंबई में उनके साथ ही रहती थीं। कुछ समय पहले ही उनका तबादला दिल्ली से मुंबई हुआ था। अंतिम बार वह सरसों की कटाई के समय छुट्टी पर गांव आए थे। उन्होंने अपने पिता के साथ खेतों में सरसों की कटाई करवाई और परिवार के साथ समय बिताने के बाद वापस ड्यूटी पर लौट गए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी गांव की आखिरी मुलाकात होगी।
सरपंच प्रतिनिधि श्रीपाल यादव ने बताया कि रविकांत का विवाह वर्ष 2023 में हुआ था और उनकी पत्नी मुंबई में उनके साथ ही रहती थीं। कुछ समय पहले ही उनका तबादला दिल्ली से मुंबई हुआ था। अंतिम बार वह सरसों की कटाई के समय छुट्टी पर गांव आए थे। उन्होंने अपने पिता के साथ खेतों में सरसों की कटाई करवाई और परिवार के साथ समय बिताने के बाद वापस ड्यूटी पर लौट गए थे। किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी गांव की आखिरी मुलाकात होगी।
रविकांत का सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
- फोटो : संवाद
माता-पिता के इकलौते बेटे थे रविकांत
रविकांत अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनकी बहन सुषमा चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत हैं। बेटे के निधन से पिता जगदीश और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता बार-बार बेटे को याद कर बिलखते रहे, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव के लोगों ने बताया कि रविकांत बेहद शांत, विनम्र, अनुशासित और मिलनसार स्वभाव के थे। वह हमेशा देश सेवा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य मानते थे। उनके असामयिक निधन से गांव ने एक होनहार, कर्मठ और देशभक्त जवान को खो दिया है।
रविकांत अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनकी बहन सुषमा चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत हैं। बेटे के निधन से पिता जगदीश और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता बार-बार बेटे को याद कर बिलखते रहे, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव के लोगों ने बताया कि रविकांत बेहद शांत, विनम्र, अनुशासित और मिलनसार स्वभाव के थे। वह हमेशा देश सेवा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य मानते थे। उनके असामयिक निधन से गांव ने एक होनहार, कर्मठ और देशभक्त जवान को खो दिया है।
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अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों की आंखें हुई नम
- फोटो : संवाद
सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
भारतीय नौसेना के अधिकारियों की मौजूदगी में रविकांत का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। नेवी से आए लेफ्टिनेंट कमांडर विवेक राय के निर्देशन में सैन्य परंपराओं के अनुसार अंतिम विदाई दी गई। रविकांत को उनके चचेरे भाई सुधीर ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन बना रहा।
भारतीय नौसेना के अधिकारियों की मौजूदगी में रविकांत का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। नेवी से आए लेफ्टिनेंट कमांडर विवेक राय के निर्देशन में सैन्य परंपराओं के अनुसार अंतिम विदाई दी गई। रविकांत को उनके चचेरे भाई सुधीर ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति की आंखें नम थीं और माहौल गमगीन बना रहा।
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पिता को तिरंगा सौंपते हुए नेवी अफसर
- फोटो : संवाद
ये रहे मौजूद
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के निजी सचिव गोविंद गोस्वामी, जेपी कोटिया मार्केट कमेटी अध्यक्ष, सदर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह, सरपंच प्रतिनिधि श्रीपाल यादव, आरडी शास्त्री, सुरेंद्र यादव, राज यादव, सूरत सिंह, रामनिवास यादव, अजय यादव, उमेश यादव, तेजिंदर यादव, पुरुषोत्तम दास शर्मा, हरिओम शर्मा, सुनील शर्मा, मास्टर अनूप यादव, ऋषिराज नंबरदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि रविकांत भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा बना रहेगा और गांव गाहड़ा अपने इस वीर सपूत पर हमेशा गर्व करता रहेगा।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के निजी सचिव गोविंद गोस्वामी, जेपी कोटिया मार्केट कमेटी अध्यक्ष, सदर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह, सरपंच प्रतिनिधि श्रीपाल यादव, आरडी शास्त्री, सुरेंद्र यादव, राज यादव, सूरत सिंह, रामनिवास यादव, अजय यादव, उमेश यादव, तेजिंदर यादव, पुरुषोत्तम दास शर्मा, हरिओम शर्मा, सुनील शर्मा, मास्टर अनूप यादव, ऋषिराज नंबरदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों ने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि रविकांत भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा बना रहेगा और गांव गाहड़ा अपने इस वीर सपूत पर हमेशा गर्व करता रहेगा।