फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव: 19 राज्यों की शिल्पकला और 15 राज्यों के लोक कलाकार महका रहे ब्रह्मसरोवर की फिजा

Mon, 06 Dec 2021 12:22 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 06 Dec 2021 12:22 AM IST
विज्ञापन
The platform of the International Gita Festival became the center of culture and craftsmanship of the country
ब्रह्मसरोवर की आरती करते। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मंच पर देश-विदेश के पर्यटक 19 राज्यों की शिल्पकला और 15 राज्यों की लोक संस्कृति का लुत्फ उठा रहे हैं। इससे ये महोत्सव देश की संस्कृति और शिल्पकला का मुख्य केंद्र बन चुका है। इस अनोखे संगम से ब्रह्मसरोवर की फिजा भी महक उठी है और देश के कोने-कोने तक पहुंच रही है।  रोजाना हजारों पर्यटक विभिन्न राज्यों की संस्कृति एक ही मंच पर देखने के लिए ब्रह्मसरोवर पहुंच रहे हैं। वहीं पर्यटकों को महोत्सव में पहली बार हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की तरफ से आधुनिक मूर् िशिल्पकला के भी दर्शन होंगे। पहली बार 48 कोस के 75 तीर्थों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होगा। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र की तरफ से इस बार ब्रह्मसरोवर के उत्तर और दक्षिण घाटों परबेहतरीन कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। इन प्रस्तुतियों में किसी घाट पर पंजाबी संस्कृति, कहीं पर हरियाणवी, कहीं पर हिमाचल तो कहीं पर राजस्थान की लोक संस्कृति को देखने का अवसर मिल रहा है।

The platform of the International Gita Festival became the center of culture and craftsmanship of the country
महोत्सव में उमड़ी भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

इस लोक संस्कृति का आनंद लेने के साथ-साथ लोग ब्रह्मसरोवर के चारों तरफ एनजेडसीसी और डीआरडीए की तरफ से लगे सरस और शिल्प मेले में अनोखी शिल्पकला को भी खूब निहार रहे हैं। इस वर्ष कोविड नियमों का पालन करते हुए करीब 350 स्टॉल लगाए गए हैं।

The platform of the International Gita Festival became the center of culture and craftsmanship of the country
डांस करते बीन सपेरा पार्टी के कलाकार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 9 से 14 दिसंबर तक आयोजित होंगे। इन मुख्य कार्यक्रमों में अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, जिसका थीम विश्व गुरु भारत के परिपेक्ष्य में पवित्र ग्रंथ गीता का योगदान पर होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
The platform of the International Gita Festival became the center of culture and craftsmanship of the country
मिट्टी से बने बर्तनों को देखते पर्यटक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

इसके अलावा दीपोत्सव, वैश्विक गीता पाठ, संत सम्मेलन, 48 तीर्थों के प्रतिनिधियों का सम्मेलन, विश्व गुरु भारत प्रदर्शनी, विभिन्न संस्थाओं की प्रदर्शनियां मुख्य आकर्षण का रहेंगी। 

विज्ञापन
The platform of the International Gita Festival became the center of culture and craftsmanship of the country
नृत्य करते उत्तराखंड से आए कलाकार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

शेड्यूल हुआ जारी 
मुख्य कार्यक्रम के लिए प्रशासन की ओर से शेड्यूल जारी किया गया है। इसके अनुसार 9 दिसंबर को महोत्सव में पुरुषोत्तमपुरा बाग स्थित मुख्य मंच पर प्रथम स्लॉट में रुपेश ऋषि का देशभक्ति कार्यक्रम, दूसरे स्लॉट में मालिनी अवस्थी का कृष्ण-राधा भक्ति गीत प्रस्तुत होगा। अगले दिन 10 दिसंबर को प्रथम स्लॉट में यश चौहान का गीता पर आधारित छाऊ नृत्य, दूसरे स्लॉट में बाबा मौर्य का देशभक्ति की प्रस्तुति होगी। वहीं 11 दिसंबर को प्रथम स्लॉट में ओमप्रकाश श्रीवास्तव की भजन संध्या, दूसरे स्लॉट में कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। इस कवि सम्मेलन में प्रसिद्ध कवि हरिओम पंवार, दिनेश रघुवंशी, मनवीर मधुर व अनिल आर्य पहुंचेंगे।

विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed