हरियाणा के कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मंच पर देश-विदेश के पर्यटक 19 राज्यों की शिल्पकला और 15 राज्यों की लोक संस्कृति का लुत्फ उठा रहे हैं। इससे ये महोत्सव देश की संस्कृति और शिल्पकला का मुख्य केंद्र बन चुका है। इस अनोखे संगम से ब्रह्मसरोवर की फिजा भी महक उठी है और देश के कोने-कोने तक पहुंच रही है। रोजाना हजारों पर्यटक विभिन्न राज्यों की संस्कृति एक ही मंच पर देखने के लिए ब्रह्मसरोवर पहुंच रहे हैं। वहीं पर्यटकों को महोत्सव में पहली बार हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की तरफ से आधुनिक मूर् िशिल्पकला के भी दर्शन होंगे। पहली बार 48 कोस के 75 तीर्थों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होगा। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र की तरफ से इस बार ब्रह्मसरोवर के उत्तर और दक्षिण घाटों परबेहतरीन कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। इन प्रस्तुतियों में किसी घाट पर पंजाबी संस्कृति, कहीं पर हरियाणवी, कहीं पर हिमाचल तो कहीं पर राजस्थान की लोक संस्कृति को देखने का अवसर मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव: 19 राज्यों की शिल्पकला और 15 राज्यों के लोक कलाकार महका रहे ब्रह्मसरोवर की फिजा
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 06 Dec 2021 12:22 AM IST
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