बारिश के बाद हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भूना शहर में जलभराव से पनपा संकट बरकरार है। जलभराव से बाढ़ जैसे हालात हो गए बने हुए हैं। शहर की शिव कॉलोनी के दस परिवार घर छोड़कर रिश्तेदारी में चले गए हैं। वहीं 500 परिवार ऐसे हैं जो अपने जानकारों के घर रुके हुए हैं।
हरियाणा: बारिश के बाद जलभराव के चलते भूना में सैकड़ों परिवारों ने छोड़ा घर, बाढ़ जैसे हालात बरकरार
चार दिनों से बिजली और पानी की सप्लाई बंद है। लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी जलभराव की स्थिति पर लीपापोती कर के जमीनी स्तर के हालातों से सरकार को गुमराह कर रहे हैं।
जलभराव के कारण भूना के 11 वार्डों के हजारों परिवार परेशान हैं। वहीं मंगलवार को मंडल आयुक्त गीता भारती हिसार से भूना पहुंचीं। उन्होंने भूना शहर में जलभराव से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इसके बाद डीसी, एडीसी, एसडीएम, सिंचाई विभाग के एसई, जनस्वास्थ्य विभाग के एसई व अन्य अधिकारियों के साथ पानी निकासी के प्रबंधों को लेकर बैठक की। मंडल आयुक्त ने दावा किया कि दो दिन में जलभराव से राहत मिल जाएगी।
उकलाना रोड के बेसमेंट पानी से लबालब
अनाज मंडी में करोड़ों रुपये का सामान जलभराव की भेंट चढ़ गया है। शव कॉलोनी, चंदननगर, मॉडल टाउन, नेहरू पार्क, रामलीला ग्राउंड में चार दिन बीत जाने के बावजूद चार से आठ फुट पानी घरों में भरा हुआ है। शिव कॉलोनी के अधिकतर मकान पानी के कारण खाली हैं, उपरोक्त परिवार रिश्तेदारी में जा चुके हैं। क्योंकि पिछले चार दिनों से बिजली और पानी की सप्लाई बंद है। लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी जलभराव की स्थिति पर लीपापोती कर के जमीनी स्तर के हालातों से सरकार को गुमराह कर रहे हैं। जबकि लोगों का जलभराव के कारण जीना दुर्भर बना हुआ है।
नाढोड़ी के लोगों ने भी किया रोड जाम
गांव नाढोड़ी के लोगों ने पिछले चार दिनों से प्रशासनिक स्तर पर कोई सुध न लेने के कारण मंगलवार को सिरसा चंडीगढ़ रोड पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने पहले राजकीय महाविद्यालय में मौजूद मंडलायुक्त गीता भारती व डीसी जगदीश शर्मा से मिलकर समस्या समाधान के लिए गुहार लगाई। ग्रामीणों की मांग नहीं मानी गई तो उन्होंने अधिकारियों से असंतुष्ट होकर रोड जाम कर दिया और शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। नाढोड़ी के निवासी जगदीश चंद्र, राधेश्याम, कृष्ण कुमार, रविंद्र कुमार, कमल सिंह बराड़, सरदार जितेंद्र सिंह, राम सिंह, राजेंद्र सिंह, वजीर सिंह आदि ने बताया कि पिछले पांच दिनों से तेज बारिश के कारण फसलें बिल्कुल नष्ट हो गई हैं।
गांव टिब्बी के कुछ लोगों ने मोगा व सड़क तोड़कर पानी का बहाव उनके गांव की तरफ कर दिया। इस कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए। ग्रामीणों ने बताया कि हसंगा-नाढोड़ी मार्ग पिछले चार दिनों से जलभराव के कारण पूर्णतया बंद है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर आकर निरीक्षण भी नहीं किया। जलभराव से निपटने के लिए कोई प्रशासनिक पहल नहीं की गई। बाद में विधायक दुड़ाराम व डीसी जगदीश शर्मा ने आकर ग्रामीणों को शांत कर जाम खुलवाया।
भूना में 10 मेडिकल टीम गठित
भूना में जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बीमारियों की रोकथाम व लोगों के स्वास्थ्य की जांच के लिए 10 मेडिकल टीमों का गठन कर लिया है। यह मेडिकल टीमें भूना के नायक मोहल्ला, शास्त्री मंडी, मॉडल टाउन, रामलीला मैदान, चंदन नगर, शिव मंदिर कॉलोनी, गणेश कॉलोनी, अनाज मंडी, हिसार व उकलाना रोड तथा सांचला रोड के लिए तैनात की गई हैं। मेडिकल टीम में चिकित्सकों के अलावा बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों, सीएचओ व आशा वर्कर्स को शामिल किया गया है। मेडिकल टीमों ने मंगलवार को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों को दवाईयां वितरित की तथा मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए दवा का छिड़काव किया। साथ ही बच्चों व लोगों की जांच भी की।
350 परिवारों ने ली स्कूल व धर्मशालाओं में शरण
पंजाबी सेवा सदन, अग्रसेन धर्मशाला, जनता धर्मशाला और ब्वॉयज स्कूल में परिवारों ने शरण ली हुई है। इन सभी स्थानों पर 350 परिवारों को ठहराया हुआ है। यहां पर इनके भोजन व अन्य जरूरतों की व्यवस्था भी सामाजिक संस्थाओं द्वारा की गई है। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी भी राशन का सामान वितरित कर रहे हैं।
भूना शहर में जलभराव से काफी नुकसान हुआ है। बारिश के पानी से नुकसान झेलने वाले लोगों की आकलन सूची लेकर मुआवजा के लिए सरकार से सिफारिश की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर शहर में 13 पंपसेट लगाए हैं। ड्रेन खुदाई की गई है। 13 पंपसेटों से प्रतिदिन 15 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। दो दिनों में जलभराव की समस्या से लोगों को राहत मिल जाएगी। -गीता भारती, मंडल आयुक्त