एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत कई मांगों को लेकर शंभू बॉर्डर पर पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच का प्रयास एक बार फिर असफल रहा। रविवार दोपहर 12 बजे किसानों का 101 सदस्यीय मरजीवड़ा जत्था दिल्ली के लिए रवाना हुआ लेकिन शंभू सीमा पर उन्हें पुलिस ने फिर से रोक दिया। करीब पौने चार घंटे दोनों में टकराव हुआ।
देर शाम हरियाणा और पंजाब पुलिस की किसानों से बैठक हुई। इसके बाद किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की ओर से केंद्र सरकार के साथ बातचीत करवाने का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली कूच एक और दिन के लिए टाल दिया है। उधर, खन्नौरी में 12 दिन से आमरन अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत बिगड़ती जा रही है।
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शंभू सीमा पर पुलिस किसानों पर पानी की बोछार कर खदेड़ते हुए
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तय कार्यक्रम के तहत, दोपहर करीब 12 बजे किसानों का जत्था रवाना हुआ तो हरियाणा पुलिस ने किसानों का वहां फूल बरसाकर स्वागत किया और चाय के साथ बिस्किट खिलाए लेकिन दिल्ली कूच पर अड़े किसान जब बैरिकेडिंग पर चढ़ने लगे और आगे जाने पर अड़ गए तो फिर दोनों तरफ से टकराव होने लगा, जो करीब पाैने चार घंटे चला। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन्हें तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन से पानी की बौछार भी की।
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शंभू सीमा पर पुलिस द्वारा छोडे़ गए आंसू गैस के गोले से बचने के लिए भागते किसान
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इसमें सात किसान घायल हो गए, जिनमें चार की हालत गंभीर है। एक किसान को पीजीआईजी चंडीगढ़ रेफर किया गया है। टकराव के बाद शाम करीब चार बजे किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने जत्थे को वापस बुला लिया। इसके बाद पंधेर ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, मिर्ची स्प्रे किया और रबड़ की गोलियां भी चलाई, जिससे किसान घायल हुए है।
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शंभू सीमा पर पुलिस द्वारा छोडे़ गए आंसू गैस के गोले से बचने के लिए भागते किसान
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पंधेर ने कहा, केंद्र सरकार के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रचार तंत्र है, जिसके जरिये किसानों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। किसानों को देश विरोधी दिखाया जा रहा है। आज जो शंभू बॉर्डर पर किसानों के साथ हुआ, उसे पूरे देश ने देखा है। किसान पैदल जा रहे थे। उनके पास कोई हथियार नहीं था। फिर भी क्यों पुलिस उन्हें रोक रही है।
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शंभू सीमा पर आंसूगैस के गोले के धुंए से बचने के लिए चेहरे को कपडे़ से ढांपकर खड़ा किसान
- फोटो : संवाद
किसानों की ओर से पहचान पत्र न दिखाए जाने के बारे में पंधेर ने कहा कि जिन 101 किसानों की सूची पंजाब व हरियाणा सरकारों को दी गई थी, वही दिल्ली कूच के लिए गए थे। हरियाणा पुलिस प्रशासन की ओर से किसानों के खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है। जिस तरह का व्यवहार किसानों के साथ किया जा रहा है वह बेहद निंदनीय है।