{"_id":"601e2bd66fa6cd1a686a0c58","slug":"chakka-jam-big-challenge-in-front-of-farmer-leaders","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"चक्का जाम : युवाओं को उकसाकर बवाल कराने की आशंका, किसान नेताओं के सामने बड़ी चुनौती ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चक्का जाम : युवाओं को उकसाकर बवाल कराने की आशंका, किसान नेताओं के सामने बड़ी चुनौती
Sat, 06 Feb 2021 11:10 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 06 Feb 2021 11:10 AM IST
विज्ञापन
आंदोलन में शामिल किसान।
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए चक्का जाम का एलान भले ही कर दिया हो लेकिन इस चक्का जाम में शांति व्यवस्था बनाए रखना किसान नेताओं के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस चक्का जाम में आशंका जताई जा रही है कि किसानों को उकसाकर बवाल कराया जा सकता है। इसलिए ही किसान नेताओं की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है।
धरने पर बैठकर हुक्का पीते किसान।
- फोटो : फाइल फोटो
ट्रैक्टर परेड के दौरान बवाल के बाद से किसान नेता हर कदम फूंककर रख रहे हैं और चक्का जाम में शांति व अहिंसा पर जोर दिया जा रहा है। जिसमें सबसे ज्यादा युवा किसानों को संदेश दिया जा रहा है कि आंदोलन को तोड़ने वाले उकसाने के लिए कुछ भी करें, लेकिन किसानों को शांत रहकर ही सफलता मिल सकती है। इसके साथ ही अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों, राहगीरों से अभद्रता नहीं करने की अपील की गई और चक्का जाम के दौरान शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए वालंटियर लगाए जाएंगे।
बुजुर्ग महिलाएं भी किसान आंदोलन में शामिल हैं।
- फोटो : फाइल फोटो
कृषि कानून रद्द कराने की मांग कर रहे किसानों की शांतिपूर्ण आंदोलन चलाने में मिसाल पेश की जाती थी कि इतना लंबा आंदोलन होने के बावजूद किस तरह से किसान व्यवस्था बनाकर शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हुए हैं। ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में बवाल के बाद हर किसी की चिंता बढ़ी हुई है और उसको देखते हुए ही संयुक्त किसान मोर्चा को अपनी एक फरवरी को संसद मार्च की रणनीति बदलनी पड़ी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान आंदोलन में लगे क्रांतिकारियों के कटआउट।
- फोटो : फाइल फोटो
किसान नेताओं को खुद भी डर था कि दिल्ली की घटना के बाद जिस तरह से माहौल गरम था, उसको देखते हुए संसद मार्च के दौरान भी बवाल हो सकता है। ऐसे में आंदोलन को अभी तक केवल धरने तक सीमित रखा जा रहा था और अब किसानों का शनिवार को चक्का जाम होगा।
विज्ञापन
चक्का जाम को लेकर सुरक्षा भी कड़ी है।
- फोटो : फाइल फोटो
युवाओं पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। यह माना जा रहा है कि चक्का जाम के दौरान सबसे पहले युवाओं को उकसाया जा सकता है, जिससे वह बेकाबू होकर बवाल करने लगे। किसान नेताओं ने युवाओं को साफ कहा है कि अगर उनको कोई उकसाता है और किसी तरह का भड़काऊ भाषण भी दिया जाता है तो उनको केवल शांत रहना है। यह भी कहा गया है कि चक्का जाम के दौरान कोई निकलने का प्रयास करता है तो उसकी परेशानी को देखकर वाहन निकलने दिया जाए। किसी के साथ भी जबरदस्ती नहीं करनी है, क्योंकि जबरदस्ती करने से माहौल बिगड़ता है।