भिवानी में शिक्षिका मनीषा की मौत मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने कहा है कि 13 अगस्त को मनीषा के शव के पास से रोमन लिपि में हरियाणवी लहजे में कॉपी के पन्ने पर लिखा एक सुसाइड नोट मिला था। यह भी दावा किया कि मौत से पहले मनीषा ने 11 अगस्त को एक दुकान से कीटनाशक खरीदा था, जिसकी पुष्टि हो चुकी है।
फिलहाल जिला नागरिक अस्पताल भिवानी और पीजीआई रोहतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा एफएसएल रिपोर्ट पर चिकित्सकों के बोर्ड से राय ली जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह हत्या है या आत्महत्या। इधर, सोमवार शाम सुनारिया लैब में दस सदस्यीय कमेटी भी पहुंच गई। सुसाइड नोट का सामने आना पुलिस जांच के साथ न्याय की मांग कर रहे आंदोलनकारियों के बीच भी नई बहस का विषय बन गया है।
2 of 14
शिक्षिका मनीषा का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गौरतलब है कि ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। 13 अगस्त को उसका शव गांव सिंघानी नहर के पास बाजरे के खेत से बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर एफएसएल टीम बुलाकर जांच कराई, वारदात स्थल का दो बार निरीक्षण कर तथ्य खंगाले गए लेकिन अब तक न किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, न ही कोई ठोस खुलासा हो पाया है।
3 of 14
दादा ने उठाए सवाल
- फोटो : अमर उजाला
सुसाइड थ्योरी पर परिजनों ने उठाए सवाल, फफक पड़े मनीषा के दादा
हरियाणा के भिवानी में शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले में पुलिस की सुसाइड थ्योरी पर परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का कहना है कि मनीषा की मौत के पांच दिन बाद सोमवार को सोशल मीडिया से उन्हें पता चला कि शव के पास से कोई सुसाइड नोट भी मिला था। इस बात की जानकारी पुलिस ने उन्हें पहले कभी नहीं दी।
4 of 14
शिक्षिका की हत्या के बाद पुलिस जांच करती हुई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मीडिया से बातचीत के दौरान मनीषा के दादा रामकिशन फफक पड़े। कहा-पोती हर बात साझा करती थी। मनीषा तीन साल का नर्सिंग कोर्स करना चाहती थी। उन्होंने उसे आश्वस्त किया था कि अगर पिता पैसे नहीं देंगे तो वह खुद खर्चा उठाएंगे। कहा-इतनी हिम्मती और सपनों से भरी लड़की आत्महत्या कैसे कर सकती है।
5 of 14
शिक्षिका की हत्या के बाद घटनास्थल का दौरा करते आईजी वाई पूर्ण कुमार और एसपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुसाइट नोट का हवाला देकर भटकाने का प्रयास कर रही पुलिस
परिजनों ने कहा कि कोई इंसान खुद अपना गला कैसे काट सकता है और चेहरे पर तेजाब कैसे डाल सकता है। जिस दिन मनीषा का शव खेत से बरामद हुआ था उस दिन पुलिस ने स्पष्ट कहा था कि उसकी हत्या हुई है। अब पुलिस सुसाइड नोट का हवाला देकर पूरे मामले को भटकाने की कोशिश कर रही है। मनीषा को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।