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सर्दियों में बढ़ जाता है ब्रेन स्ट्रोक व दिमाग की नस फटने का खतरा, विशेषज्ञों के मुताबिक पहले घंटे में ऐसे बच सकती है जान

Fri, 30 Oct 2020 09:15 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 30 Oct 2020 09:15 AM IST
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world Brain stroke day 2020 symptoms and treatment starts in first hour of stroke attack
प्रतीकात्मक तस्वीर।

ठंड की शुरुआत हो चुकी है और ऐसे मौसम में ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ने लगते हैं। समय से इलाज मिले तो मरीज की जान बचाने में मदद मिल सकती है और उसका असर भी कम हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक ब्रेन स्ट्रोक होने पर पहला घंटा ही गोल्डन पीरिएड माना जाता है। इसमें तापमान का सीधा असर शरीर की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। जैसे-जैसे तापक्रम गिरता है, शरीर के अंगों की प्रक्रिया भी धीमी पड़ने लगती है। नसों में सिकुड़न हो जाती है और इसके कारण दिमाग में रक्तप्रवाह धीमा पड़ने लगता है। अगर कोई शख्स शरीर के अंग को टेढ़ा कर रहा है, उसके देखने, सुनने व समझने की क्षमता प्रभावित हो गई हो तो तत्काल उसे डॉक्टर के पास ले जाएं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान के मुताबिक देश में हर तीन मिनट में कोई न कोई व्यक्ति ब्रेन स्ट्रोक से दम तोड़ देता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

दो प्रकार का होता है ब्रेन स्ट्रोक
ब्रेन स्ट्रोक दो प्रकार के होते हैं। पहला सिस्मिक स्ट्रोक होता है इसमें दिमाग की नसों में रक्तप्रवाह किसी अवरोध के कारण रुक जाता है। दिमाग की नली में खून का थक्का जम जाने से भी ब्रेन हेमरेज हो जाता है। जबकि दूसरा प्रकार हेमरेजिक स्ट्रोक होता है। इसमें दिमाग की नस से रक्तस्राव होने लगता है। इसमें मरीज को लकवा मार जाता है। कई दफे मरीज की मौत भी हो जाती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

खतरा होने पर तुरंत ले मदद: न्यूरो सर्जन
गोरखपुर जिले के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पूर्व न्यूरो सर्जन डॉ. मुकेश शुक्ला ने कहा कि सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक व दिमाग की नस फटने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन समय पर चिकित्सकीय इलाज मिले तो जिंदगी बचाई जा सकती है। ब्रेन स्ट्रोक होने पर पहला एक घंटा ही सबसे महत्वपूर्ण होता है। हृदय रोग व कैंसर के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा मौतें ब्रेन हेमरेज से होती हैं। सामान्य तौर पर गर्मियों के मुकाबले ठंड में ब्रेन स्ट्रोक की मामले करीब दो गुना हो जाते हैं। ठंड में उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, मोटे लोगों और हृदय रोगी को ब्रेन हेमरेज का खतरा बढ़ जाता है। अनियमित जीवनशैली इसका प्रमुख कारण है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Amar Ujala

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण

  • शरीर के एक हिस्से, चेहरे, हाथ, टांग में सुन्न होने का अनुभव
  • कमजोरी महसूस होना
  • भ्रम की स्थिति में होना
  • बोलने या समझने में मुश्किल, अस्पष्ट बोलना
  • एक या दोनों आंखों से साफ न दिखना
  • सिर में तेज दर्द, जी मिचलाना, उल्टी होना
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

स्ट्रोक से बचने के लिए यह करें

  • शराब, सिगरेट का सेवन न करें
  • तनाव से दूर रहें
  • नियमित व्यायाम व प्राणायाम करें
  • वजन नियंत्रित करें
  • सिरदर्द से पीड़ित मरीज सिटी स्कैन व एमआरआई जांच कराएं
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