बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्र का गोरखनाथ मंदिर से है पुराना नाता, बोले- 'इनकी बदौलत मिली कामयाबी'
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बचपन में पिता के साथ आया था गोरखनाथ मंदिर
अभिनेता संजय मिश्र ने बताया कि बचपन में गोरखनाथ मंदिर आया था और अब बड़े होने पर आया हूं। उनके आशीर्वाद की मुझे जरूरत थी। कहा कि पहले और अब की फिल्मों में काफी बदलाव आए हैं। पहले की कहानियों में और अब की कहानियों में काफी बदलाव आ गया है। हिंदी और मराठी विवाद पर उन्होंने कहा कि यह सब राजनीतिक मुद्दे हैं। हम कलाकार हैं और मुझे भी ऐसा नहीं लगा। न ही मेरे साथ किसी प्रकार का कोई भेदभाव हुआ।
भोजपुरी सिनेमा को भी दिल से अपनाने की जरूरत
अभिनेता संजय मिश्र ने कहा कि यदि गोरखपुर के लोग कोई फिल्म बनाते हैं तो वह इसमें कम धनराशि में भी काम करने के लिए तैयार हैं, ताकि गोरखपुर में फिल्मों को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय कलाकारों को बेहतर मंच मिले। उन्होंने कहा कि भोजपुरी फिल्में देखने लोग सिनेमा हाल तक नहीं जाते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को देखने लोग काफी संख्या में थिएटर जाते हैं, ऐसे में यदि भोजपुरी क्षेत्र के लोग सिनेमा हॉल में पहुंचे और फिल्मों को देखें तो भोजपुरी सिनेमा और समृद्ध हो सकता है।
अभिनेता संजय मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी के निर्माण का फैसला करके सरकार ने सकारात्मक पहल की है। फिल्म सिटी से पूर्वांचल ही नहीं, पूरे देश के लोगों को रोजगार के अवसर हासिल होंगे। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग आएंगे और यहां की सुंदरता का देश-विदेश में प्रचार प्रसार करेंगे। फिल्म जगत के लिए पूर्वांचल का क्षेत्र नया ठिकाना होगा।
अभिनेता संजय मिश्र ने कहा कि सिनेमा समाज का आइना होता है। आइना झूठ नहीं दिखाता। वह जो समाज में हो रहा है उसे व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सिनेमा हाल जिस प्रकार बंद हो रहे हैं, उसी प्रकार सिनेप्लेक्स भी आने वाले समय में बंद हो जाएंगे और लोग मोबाइल पर फिल्में देखते नजर आएंगे। अगर हम अभी इसको लेकर सतर्क नहीं हुए तो आगे हालात और खराब हो जाएंगे।