गोरखपुर में सराफा कारोबारी के बेटे वैभव के अपहरण के बाद हत्या की साजिश में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्यारोपी सर्वेश कंप्यूटर एक्सपर्ट था और उसने पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए एआई का सहारा लिया। उसने एआई से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के काम करने के तरीके, गैंग में शामिल होने की प्रक्रिया, फिरौती मांगने के तौर-तरीके और साइनाइड जहर से जुड़ी जानकारी तक हासिल की थी।
पुलिस के अनुसार, सर्वेश ने इंटरनेट के जरिये 199 रुपये में कंबोडिया का एक वर्चुअल मोबाइल नंबर खरीदा। इसी नंबर से वाट्सएप एकाउंट बनाकर उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर सराफा कारोबारी को संदेश भेजा। उसकी योजना एक करोड़ रुपये से अधिक की फिरौती मांगने की थी।
2 of 14
आरोपी की फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके लिए उसने रुपये मंगाने के उद्देश्य से एक म्यूल (फर्जी) बैंक खाता भी तैयार कर रखा था। हालांकि, शुरुआती वाट्सएप संदेश में फिरौती का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था। कारोबारी उस संदेश का आशय समझ नहीं सके, जिससे आरोपी की योजना तत्काल सफल नहीं हो सकी।
3 of 14
वैभव हत्याकांड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि आरोपी का मोबाइल फोन खंगाला तो उसमें एआई से किए गए कई सवाल और उनके जवाब मिले। इनमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की कार्यप्रणाली, फिरौती वसूलने के तरीके, गैंग की गतिविधियां और साइनाइड जहर से संबंधित जानकारी शामिल थीं।
4 of 14
हत्यारोपी और उसके घर को सील करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस का मानना है कि इन जानकारियों के आधार पर ही आरोपी ने सराफा कारोबारी के बेटे के अपहरण की पूरी साजिश तैयार की थी। अब पुलिस आरोपी की डिजिटल गतिविधियों और उसके संपर्कों की भी गहन जांच कर रही है।
5 of 14
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मासूम की अपहरण के बाद हत्या
गोरखपुर के खजनी कस्बे के सराफा कारोबारी हनुमान वर्मा के 10 वर्षीय बेटे वैभव वर्मा के अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। सोमवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद साइकिल लेकर घर से निकला बालक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था।