गोरखपुर शहर के मोहद्दीपुर में सोमवार दोपहर फिल्मी अंदाज में चार किलोमीटर तक एक-दूसरे का पीछा करके फायरिंग करने और एक प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारने की घटना की जड़ में जमीन ही नहीं, बल्कि करीब तीन माह पहले एक बच्चे को थप्पड़ मारने का विवाद है। तहकीकात में पता चला है कि थप्पड़ विवाद के बाद युवक दो गुटों में बंट गए, जबकि पहले सभी गहरे दोस्त थे। इसके बाद इनमें कई बार झड़प हो चुकी है।
तीन माह पहले बच्चे को थप्पड़ मारने के विवाद में दोस्त बन गए दुश्मन, अब एक दूसरे पर बरसा रहे हैं गोलियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीते शुक्रवार को मोतीराम अड्डा में दोनों गुटों में विवाद हुआ था, फिर रविवार को पैडलेगंज के पास दोनों गुटों में मारपीट हुई। मामला पुलिस चौकी तक पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने समझौता करा दिया था। सोमवार को दोनों गुट फिर आमने-सामने आ गए और दिनदहाड़े एक दूसरे पर गोलियां चलाईं। पुलिस ने इस प्रकरण में नामजद आरोपी प्रज्ज्वल सिंह सहित 10 लोगों को वीडियो फुटेज से पहचान कर हिरासत में लिया है।
बता दें कि सोमवार दोपहर को कूड़ाघाट में कार सवारों को घेरकर बाइक सवारों ने फायरिंग की थी। फिर कार सवारों ने बाइक सवारों को दौड़ा लिया था। मोहद्दीपुर में दोनों गुट के लोग आमने-सामने हो गए और ताबड़तोड़ फायरिंग के बीच बाइक सवार रामगढ़ताल के भगत चौराहा निवासी प्रॉपर्टी डीलर जितेंद्र यादव को गोली मार दी। जितेंद्र का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। पॉश इलाके में दिनदहाड़े हुई फायरिंग ने पुलिस अफसरों की नींद उड़ा दी।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार, एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ के साथ ही सीओ कैंट सुमित शुक्ला, सीओ कोतवाली वीपी सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीमें दबिश देने लगी। सीसी टीवी कैमरे और अन्य संसाधनों की मदद से पुलिस ने वारदात में शामिल लोगों को चिह्नित किया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
एक गुट का नेतृत्व कमलेश तो दूसरे का सुनील करता है
पुलिस की तहकीकात में पता चला है कि एक गुट का नेतृत्व कमलेश यादव तो दूसरे गुट का नेतृत्व सेवानिवृत्त सिपाही का पुत्र सुनील पासवान करता है। लेकिन, सोमवार को हुए प्रकरण में इन दोनों की भूमिका सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि दोनों असल में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं और बल प्रयोग की जरूरत पड़ने पर इन युवकों का इस्तेमाल करते हैं। सोमवार की घटना के पीछे कूड़ाघाट के एक बच्चे को थप्पड़ मारने के बाद दोनों गुटों में शुरू हुई वर्चस्व की जंग ही बताई जा रही है।
दोनों शुभम के बीच वर्चस्व की जंग
पुलिस का कहना है कि शुभम सिंह सिंघाड़ा और शुभम राव के बीच बच्चे को मारने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद से दोनों के बीच वर्चस्व की जंग चलने लगी। एक दूसरे के क्षेत्र में पाते ही यह मारपीट कर लेते हैं। बताया जा रहा है कि शुभम राव एक पूर्व मंत्री का करीबी है।