गोरखपुर जिले में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज है कि एक दिन में पॉजिटिव मिले लोगों की संख्या 1100 के करीब पहुंच गई है। गुरुवार को 24 घंटे के अंदर 1092 मरीज मिले। 17 मरीजों की मौत भी हुई है। इसमें 12 गोरखपुर जिले के रहने वाले हैं। जबकि पांच अन्य जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। वहीं विभाग ने 24 घंटे के अंदर पोर्टल पर पांच मौत के आंकड़ों को अपलोड किया है। इसके बाद से मृतकों की संख्या 405 पहुंच गई है।
गोरखपुर में कोरोना का कहर जारी: 24 घंटे में 17 की मौत, पहली बार 1092 मिले पॉजिटिव मरीज
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सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि कोरोना की दोनों लहर में संक्रमण के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं। संक्रमण के मामले में पहली बार देहात क्षेत्र में शहर के मुकाबले अधिक मरीज मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार को 543 से संक्रमित मिले, जबकि शहरी क्षेत्र में यह संख्या 511 थी। 38 संक्रमित अलग-अलग थाना क्षेत्रों के हैं। इसके बाद से संक्रमितों की संख्या 32707 हो गई है। इसमें 24374 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। करीब 8000 लोग अब भी संक्रमण की चपेट में हैं। विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक एक्टिव केस का आंकड़ा 7928 पहुंच गया है।
मृतकों में 12 गोरखपुर के
बीआरडी मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में मिलाकर 24 घंटे के अंदर 17 संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। इनमें जिले के बारीपार के रहने वाले 55 वर्षीय व्यक्ति, पिपराइच की 41 वर्षीय महिला, खजनी की 62 वर्षीय महिला, बशारतपुर की 52 वर्षीय महिला, सुभाष नगर का 72 वर्षीय व्यक्ति, दाउदपुर की 70 वर्षीय महिला, चौरीचौरा की 39 वर्षीय महिला, रामजानकी नगर की 52 वर्षीय महिला, मालवीय नगर का 70 वर्षीय व्यक्ति, शिवमंदिर के निकट रहने वाली 58 वर्षीय महिला और सहारा इस्टेस के रहने वाले 59 वर्षीय व्यक्ति शामिल हैं। इसके अलावा देवरिया की 45 और 70 वर्षीय महिला, लखनऊ के 71 वर्षीय पुरुष, सिद्धार्थनगर के 54 वर्षीय पुरुष, संतकबीरनगर के 60 वर्षीय पुरुष की मौत भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई है।
पांच घंटे दरवाजे पर पड़ा रहा शव, स्वास्थ्य विभाग ने नहीं ली सुधि
गोला थाना क्षेत्र के परसिया रामनगर में एक युवक की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हो गई। बुधवार को युवक ने कोरोना की जांच बांसगांव सीएचसी पर कराई थी। पॉजिटिव होने के बाद सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसके बाद भी चिकित्सकों ने इलाज के लिए कोविड-19 प्रोटोकाल के तहत जिला मुख्यालय भेजने की जगह उन्हें घर रहने की सलाह दे दी। गुरुवार की शाम उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना लोगों ने विभाग को दी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कोई जिम्मेदार वहां नहीं पहुंचा। परिवार में विवाद की स्थिति होने के कारण करीब पांच घंटे तक शव घर के बाहर दरवाजे पर पड़ा रहा।
517 ने जीती कोरोना से जंग
कोरोना संक्रमण के बीच 517 लोगों ने गुरुवार को कोरोना से जंग जीत ली। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कोरोना से जंग जीत रहे हैं। कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इसे हराया जा सकता है। वहीं, बांबे हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर रहे तीन मरीज भी गुरुवार को ठीक होकर घर गए हैं। निदेशक डॉ. अजय शुक्ला ने बताया कि तीनों मरीजों की स्थिति बेहद गंभीर थी। लेकिन अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उन्हें सलाह दी गई है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें।