आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर जिले की सभी 1294 पंचायतों में अमृत सरोवर का निर्माण कराया जाना है। तय हुआ था कि 15 अगस्त तक तालाब का काम पूरा कर लेना है और वहीं पर ध्वजारोहण होगा। तालाब से तेज ध्वजारोहण के लिए चबूतरे का निर्माण हुआ। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों ने राष्ट्रध्वज फहराया और फिर सरोवर के काम की रफ्तार घटती चली गई।
अमृत सरोवर: गोरखपुर जिले में ध्वजारोहण तक बनी रही रफ्तार, फिर कम हो गया सरोकार
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बेलघाट ब्लॉक
ब्लॉक के गांव ठाटी और बभनपुरा में अमृत सरोवर का काम ठप है। दोनों स्थानों पर 15 अगस्त के दिन ध्वजारोहण के लिए सिर्फ प्लेटफार्म ही बनाकर छोड़ दिया गया। ठाटी के प्रधान जियाउद्दीन व बभनपुरा के प्रधान प्रतिनिधि अनिल गुप्ता ने बताया कि बारिश का पानी भर जाने से कार्य शुरू नहीं हो सका है। बीडीओ दिवाकर सिंह का कहना है कि वे मौके का निरीक्षण कर काम शुरू कराएंगे।
बांसगांव ब्लॉक
ब्लॉक के किशुनपुर उर्फ बगही में 49 लाख की लागत से पोखरी का जीर्णोद्धार होना है। अभी तक सिर्फ पोखरी की खुदाई हुई है। बाकी काम नहीं हो सका है। प्रधान प्रतिनिधि अनुप पांडेय ने बताया कि बारिश का पानी भर जाने से काम प्रभावित है।
ब्लॉक की 13 पंचायतों में अमृत सरोवर के लिए तालाबों को चिह्नित कर जीर्णोद्धार व नवीन तालाबों के निर्माण की योजना स्वीकृत हुई है। मगर अभी तक किसी भी पंचायत में काम पूरा नहीं हो पाया है। बीडीओ शिव कुमार का कहना है कि सभी जगहों पर काम हो रहा है। कुछ स्थानों पर पानी लगने के कारण या फिर बारिश होने की वजह से काम रुका है।
भटहट ब्लॉक
पिपराइच के विधायक महेंद्र पाल सिंह ने नौ जून को ब्लॉक के भैरवा गांव में सरोवर का शिलान्यास किया था। मगर तीन महीने में सिर्फ मनरेगा से मिट्टी पटाई का काम ही पूरा हो सका। वर्तमान में पोखरे से पानी निकासी के लिए एक पुल बनाया जा रहा है। वहीं, भिसवा में पोखरे का निर्माण ही नहीं शुरू हो पाया है। गांव के प्रधान प्रदीप सिंह का कहना है कि गांव में करीब डेढ़ एकड़ का पोखरा, अमृत सरोवर के तौर पर चुना गया है मगर एक व्यक्ति द्वारा पोखरे में मछली पालन किया जा रहा है जिससे जीर्णोद्धार का काम नहीं शुरू हो पा रहा। ग्राम पंचायत परशुराम में कुछ मिट्टी और खड़ंजे का काम हुआ है। ग्राम प्रधान बिंद्रावती के पति का कहना है कि पोखरे के किनारे कुछ काम हुआ है। पानी भर जाने की वजह से भीतर की तरफ काम नहीं हो पा रहा है।
बड़हलगंज ब्लॉक
तिहामुहम्मदपुर व मुक्तिपथ परिसर में अमृत सरोवर का काम चल रहा है। आधा से अधिक निर्माण हो चुका है। तिहामुहम्मदपुर में पोखरे की खुदाई पूरी हो चुकी है। सीढ़ी, घाट, ग्रामीणों को बैठने के लिए बेंच व ध्वजारोहण के लिए प्लेटफार्म बन रहा है। कच्चा काम हो चुका है मगर पक्का निर्माण बाकी है।
कैंपियरगंज ब्लॉक
कैंपियरगंज क्षेत्र पंचायत की 13 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर के तहत पोखरे का सुंदरीकरण करने के लिए ब्लॉक कार्यालय से स्वीकृति मिली है। मगर अभी मिरिहिरिया, गोपालगंज उर्फ हरनामपुर और सनगद गांव में सिर्फ मिट्टी का कार्य हुआ है। बाकी गांव में अभी कार्य नहीं शुरू हुआ है। मनरेगा और राज्य वित्त के बजट से काम होना है। मगर पिछले सत्र में कई गांवों में हुए पक्के कार्य का ही अभी तक भुगतान नहीं हो सका है, जिससे प्रधान रूचि नहीं ले रहे। बीडीओ कविता अवस्थी का कहना है कि कुछ गांवों के तालाब में काफी पानी भरा है। पहले मिट्टी का ही कार्य होना है लिहाजा काम बंद है। मार्च 2023 तक निर्माण होना है, तब तक पूरा कर लिया जाएगा।
गोला ब्लॉक
विकास खंड के अहिरौली द्वितीय में अमृत सरोवर का निर्माण कराया जा रहा है। पोखरे में उतरने के लिए सीढ़ी बन चुकी है। मिट्टी खुदाई का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। किनारे-किनारे पाथ-वे का काम हो रहा है। बारिश की वजह से काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है। एडीओ पंचायत गोला संजय कुमार का कहना है कि अमृत सरोवर की प्रगति को लेकर बहुत ज्यादा जानकारी तो नहीं है लेकिन विकास खंड में सभी अमृत सरोवर का कार्य प्रगति पर है।
ब्रम्हपुर ब्लॉक
ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोना सोनबरसा में अमृत सरोवर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। पंचायत सचिव धीरेंद्र कुमार ने बताया कि 25 जुलाई से सरोवर का निर्माण शुरू हुआ था। इसके जीर्णोद्धार/निर्माण पर 4.97 लाख रुपये खर्च हुए हैं। बांसगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद कमलेश पासवान ने मंगलवार को इसका लोकार्पण भी किया।
पाली ब्लॉक
ब्लॉक के गांव पनिका इटार में अमृत सरोवर का निर्माण कार्य 17 जून से शुरू हुआ। इस पर 19.38 लाख रुपये खर्च होने हैं। तालाब की खुदाई का काम पूरा हो गया है। पानी भरने से काम धीमा हुआ है मगर मौके पर मजदूर सीढ़ी बनाने के काम में जुटे दिखाई पड़े। अभी पक्का निर्माण बाकी है।