गोरखपुर में लोगों में संक्रमण के लक्षण तो हैं लेकिन उनकी एंटीजन और आरटीपीसीआर दोनों रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। इसकी वजह से चिकित्सक भी परेशान हैं। निगेटिव के बाद भी वायरस फेफड़ों पर असर डाल रहा है। निजी अस्पतालों से लेकर जिला अस्पताल और बीआरडी में इस तरह के मरीज प्रतिदिन मिल रहे हैं। इन दिनों संक्रमण के मामले बेहद कम हो गए हैं और इक्का-दुक्का मरीज ही मौजूदा समय में संक्रमित पाए जा रहे हैं।
अब चकमा दे रहा कोविड: लक्षण कोरोना के, जांच रिपोर्ट आ रही निगेटिव
कोविड के आधार पर इन मरीजों का इलाज भी चल रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ अश्वनी मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट की वजह से कई मरीज इलाज बंद कर दे रहे हैं। प्रतिदिन इस तरह के केस मिल रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ राजेश कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 मरीजों की कोरोना जांच कराई जा रही है। लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। जबकि इन मरीजों में कोविड के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इन मरीजों का इलाज भी कोविड की तर्ज पर किया जा रहा है।
वायरल फीवर के मरीजों का ऑक्सीजन लेवल हो रहा कम
मौजूदा समय में वायरल फीवर ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी है। चिंता की बात यह है कि वायरल फीवर में भी लोगों का ऑक्सीजन लेवल गिर रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ गगन गुप्ता ने बताया कि ऐसे मरीजों को समझाया जा रहा है कि वह चिंता न करें। अगर ऐसा करते हैं तो वह खुद को ज्यादा बीमार बना रहे हैं। इस वक्त का वायरल फीवर ठीक होने में कम से कम दो सप्ताह तक लग जा रहा है।
लक्षण लगे तो डॉक्टर की सलाह पर लें दवा
डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि अगर लक्षण कोविड के लग रहे हैं, लेकिन एंटीजन और आरटीपीसीआर से रिपोर्ट निगेटिव आ रही है तो लापरवाही बिल्कुल न बरतें। ऐसी स्थिति में तत्काल डॉक्टर से संपर्क कर कोविड संक्रमण में चलने वाली दवा लें। वरना एक से दो दिनों के अंदर स्थिति बिगड़ सकती है।
रिपोर्ट को चकमा देने लगा है कोरोना का बदला स्वरूप
कोरोना अब एंटीजन व आरटीपीसीआर को चकमा देने लगा है। एंटीजन पॉजिटिव व आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि लक्षणों को देखकर इलाज शुरू करा दें। यदि कोरोना के लक्षण नजर आ रहे हैं और रिपोर्ट निगेटिव हो तो भी लापरवाही बरतने की जरूरत नहीं है। बहुत मामलों में आरटीपीसीआर रिपोर्ट वायरस को पकड़ नहीं पा रही है। इसलिए सतर्कता बरतें। रिपोर्ट पर नहीं लक्षण पर भरोसा करें।