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सुपरमून का दीदार: शहरवासियों ने देखा 14 फीसदी बड़ा और चमकदार चांद, तस्वीरों में देखें इसकी खूबसूरती
Wed, 28 Apr 2021 09:57 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 28 Apr 2021 09:57 AM IST
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सुपरमून 2021।
- फोटो : अमर उजाला।
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हनुमान जयंती की देर रात आसमान में सुपरमून की खगोलीय घटना का गवाह बनने का भी शहरवासियों को मौका मिला। जहां सामान्य दिनों की अपेक्षा चंद्रमा का आकार सामान्य पूर्णिमा की तुलना में बड़ा और अधिक चमकदार नजर आया। मंगलवार की शाम चंद्रमा करीब 7.09 बजे पूर्व उदित हुआ जिसे रात भर देखा गया। इस साल दो सुपरमून देखे जाएंगे। 27 अप्रैल के बाद 26 मई को भी सुपरमून दिखाई देगा।
सुपरमून 2021।
- फोटो : अमर उजाला
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सुपरमून में चंद्रमा तकरीबन 30 फीसदी अधिक चमकीला नजर आता है और लगभग 14 प्रतिशत अपने सामान्य आकार से बड़ा दिखाई देता है। परंतु वास्तव में चंद्रमा का आकार बड़ा नहीं होता है, बल्कि पृथ्वी से इसकी निकटता के कारण ऐसा प्रतीत होता है। क्योंकि इस घटना में चंद्रमा और पृथ्वी की दूरी सबसे कम हो जाती है।
सुपरमून 2021।
- फोटो : अमर उजाला
क्या होता है सुपरमून?
सुपरमून पृथ्वी से दिखाई देने वाला चंद्रमा का एक बड़ा आकार है। दरअसल चंद्रमा की पृथ्वी के चक्कर काटने की कक्षा अंडाकार है। इस वजह से कई बार यह पृथ्वी के काफी पास तक आ जाता है, जिससे हमें उसका आकार सामान्य से बड़ा दिखाई देता है। यदि पूर्णिमा तिथि के दिन ऐसा हो तो इसे सुपरमून के नाम से जाना जाता है।
सुपरमून पृथ्वी से दिखाई देने वाला चंद्रमा का एक बड़ा आकार है। दरअसल चंद्रमा की पृथ्वी के चक्कर काटने की कक्षा अंडाकार है। इस वजह से कई बार यह पृथ्वी के काफी पास तक आ जाता है, जिससे हमें उसका आकार सामान्य से बड़ा दिखाई देता है। यदि पूर्णिमा तिथि के दिन ऐसा हो तो इसे सुपरमून के नाम से जाना जाता है।
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सुपरमून 2021।
- फोटो : अमर उजाला।
कब लगता है सुपरमून?
व्राटिनो स्पेस रिसर्च काउंसिल के (सीटीओ) सचिंद्रनाथ ने बताया कि सुपरमून का संबंध पूर्णिमा तिथि से है। यानि जिस दिन पूर्णिमा तिथि हो और चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकटतम बिंदू पर हो तो इस स्थिति में ही सुपरमून लगेगा।
व्राटिनो स्पेस रिसर्च काउंसिल के (सीटीओ) सचिंद्रनाथ ने बताया कि सुपरमून का संबंध पूर्णिमा तिथि से है। यानि जिस दिन पूर्णिमा तिथि हो और चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकटतम बिंदू पर हो तो इस स्थिति में ही सुपरमून लगेगा।
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सुपरमून 2021।
- फोटो : अमर उजाला
खगोल विज्ञान में सुपरमून
खगोल विज्ञान के अनुसार चंद्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है। चंद्रमा का ऑर्बिट (कक्षा) अंडाकार होने की वजह से चंद्रमा और पृथ्वी के सबसे दूर बिंदू को एपोजी जबकि सबसे नजदीक बिंदु को पेरीजी के नाम से जाना जाता है। इस स्थिति में सुपरमून तब होगा जब चंद्रमा पेरीजी पर पहुंचता है। जबकि एपोजी पर यह माइक्रोमून कहलाता है।
खगोल विज्ञान के अनुसार चंद्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है। चंद्रमा का ऑर्बिट (कक्षा) अंडाकार होने की वजह से चंद्रमा और पृथ्वी के सबसे दूर बिंदू को एपोजी जबकि सबसे नजदीक बिंदु को पेरीजी के नाम से जाना जाता है। इस स्थिति में सुपरमून तब होगा जब चंद्रमा पेरीजी पर पहुंचता है। जबकि एपोजी पर यह माइक्रोमून कहलाता है।