गोरखपुर शहर की प्रियंका जायसवाल का बीमा क्षेत्र में नाम जाना-माना है। सरकारी नौकरी छोड़कर प्रियंका ने चुनौतीपूर्ण काम चुना और बेहतरीन काम करके पुरस्कार भी प्राप्त किया। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल उन्हें सम्मानित कर चुकी हैं। अब मुख्यमंत्री कोरोना योद्धा पुरस्कार के लिए चुना गया है। इसी महीने मुख्यमंत्री प्रियंका को सम्मानित करेंगे।
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प्रियंका जायसवाल को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी सम्मानित कर चुकी हैं।
- फोटो : अमर उजाला।
शाहपुर गीता वाटिका निवासी प्रियंका जायसवाल ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इंजीनियर रहीं, फिर सरकारी शिक्षक बन गईं। काम चलने लगा, लेकिन प्रियंका को कुछ संतुष्टि नहीं मिली। प्रियंका ने सरकारी नौकरी छोड़ दी।
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प्रियंका जायसवाल ।
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इसके बाद बीमा क्षेत्र में भविष्य संवारने का फैसला किया। बीमा अभिकर्ता बनकर काम शुरू किया तो ऊंचाइयों पर पहुंच गईं। कोरोना संकट के बीच प्रियंका ने अभूतपूर्व काम करके सम्मान हासिल किया। अब उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ बीमाकर्ता के रूप में चुनी गई हैं।
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प्रियंका जायसवाल।
- फोटो : अमर उजाला।
सामान्य तौर पर यह क्षेत्र पुरुषों का माना जाता है, लेकिन अपनी कार्यकुशलता से प्रियंका ने इस धारणा को गलत साबित किया है। कार्मल गर्ल्स इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट करने वाली प्रियंका ने सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग (सीपेट) से बीटेक की डिग्री हासिल की है। बीटीसी भी किया है। गुरुग्राम जाकर एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी की।
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प्रियंका जायसवाल।
- फोटो : अमर उजाला।
इसी बीच प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक बन गईं। कुछ दिन सरकारी नौकरी की लेकिन मन ऊब गया। प्रियंका का कहना है कि बीमा अभिकर्ता के रूप में काम करना निश्चित तौर पर चुनौतीपूर्ण है लेकिन इसमें अपार संभावनाएं भी हैं। चुनौतीपूर्ण काम में पिता प्रियव्रत जायसवाल और मां अनीता जायसवाल का अच्छा सहयोग मिलता है।