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लॉकडाउन एक साल बाद: कड़वी यादों को भूलाकर आगे बढ़े लोग, तस्वीरों में देखें सालभर पहले और अब में अंतर

Tue, 23 Mar 2021 01:10 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 23 Mar 2021 01:10 PM IST
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special story of Lockdown One year complete in Gorakhpur
गोरखपुर लॉकडाउन एक साल बाद: गोलघर चौराहा - फोटो : अमर उजाला।

कोरोना महामारी के चलते प्रधानमंत्री के आह्वान पर 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू लगा। लोग घरों में ही रहे। बाजार बंद रहा। जगह-जगह पुलिस का पहरा था। शाम के समय लोगों ने थाली और शंख बजाकर जागरूकता का संदेश दिया था। वहीं  22 मार्च 2021 को इन जगहों पर चलह-पहल बनी हुई थी। गुजरे वक्त की कड़वी यादों को भूलकर लोग गृहस्थी की गाड़ी आगे बढ़ाते दिखे। लोगों का कहना है कि सावधानियां बरतकर आवश्यक कार्य किया जाना जरूरी है।



 

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गोरखपुर लॉकडाउन एक साल बाद: गोरखनाथ मंदिर के बाहर का नजारा। - फोटो : अमर उजाला।

कोरोना से जंग शुरू हुए एक साल पूरा हो गया है। इस बीच कई कोरोना योद्धाओं ने अपने काम और संक्रमित होने के बाद वायरस से लड़कर फिर लोगों की सेवा के लिए उपलब्ध होकर नजीर पेश की। इनका कहना है कि आत्मविश्वास प्रबल हो तो किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। साथ ही सतर्क भी किया, कोरोना के खिलाफ लड़ाई अभी चल रही है। इसे तभी जीता जा सकता है कि जब लोग जागरूक रहें। लड़ाई लंबी हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और बार-बार हाथों को धुलते रहें।

 

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गोरखपुर लॉकडाउन एक साल बाद: रेती चौक। - फोटो : अमर उजाला।

इलाज करते-करते खुद हो गए थे पॉजिटिव
जिला अस्पताल फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि पिछले साल 19 अगस्त को कोरोना पॉजिटिव हुआ। इस बीच घर के सदस्य भी संक्रमित हो गए। करीब 19 दिनों तक घर में खुद को अलग कर लिया। इस बीच मन में कई बार नकारात्मक बातें भी आईं। लेकिन हर बार हिम्मत ने साथ दिया। आठ सितंबर को कोरोना को मात दी। इसके बाद फिर से मरीजों की देखभाल में जुट गया। 15 हजार से अधिक मरीजों का इलाज कोविड महामारी के बीच किया गया। लोगों से अपील है कि कोरोना को हल्के में न लें, पूरी सतर्कता बरतें।

 

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गोरखपुर लॉकडाउन एक साल बाद: देवरिया बाईपास। - फोटो : अमर उजाला।

संक्रमित हुए, ठीक होकर फिर करने लगे ड्यूटी
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के 200 बेड कोविड वार्ड के इंचार्ज डॉ. राज किशोर सिंह ने कहा कि कोविड मरीजों के बीच में कब पॉजिटिव हो गया, पता ही नहीं चला। स्थिति बिगड़ी तो खुद को अलग कर लिया। करीब 19-20 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहा। इस बीच खुद को कभी कमजोर नहीं होने दिया। योग और कसरत के बल पर कोरोना को मात दी। इसके बाद फिर से कोविड वार्ड में ड्यूटी करना शुरू कर दिया। लोगों से अनुरोध है कि कोरोना से बचाव के लिए जो नियम बनाए गए हैं, उसका पालन लोग जरूर करें

 

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गोरखपुर लॉकडाउन एक साल बाद: मोहद्दीपुर चौराहा। - फोटो : अमर उजाला।

योग और कसरत से जीत ली कोरोना से जंग
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलॉजी डॉ. अमरेश सिंह ने कहा कि कोविड महामारी के बीच चार जिलों के सैंपल की जांच की जिम्मेदारी के बीच परिवार के लिए समय तक नहीं मिल पा रहा था। जांच के बीच छह अक्तूबर को खुद ही संक्रमित हो गया। इस बीच मन में कई तरह की नकारात्मक बातें भी आईं। लेकिन योग और कसरत के साथ खुद को परिवार से कुछ दिनों के लिए अलग कर लिया। नतीजा यह हुआ कि जल्द ही संक्रमण से मुक्ति मिल गई। इसके बाद फिर से कोविड सैंपल की जांच में जुट गया।

 

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